हाईकोर्ट की इमारत पर अति बोझ को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को सारंगपुर में तुरंत 14.89 एकड़ भूमि अलॉट करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस इमारत का निर्माण 1954 में नौ न्यायाधीश के पद, 250 पंजीकृत वकीलों के लिहाज से किया गया था। आज जजों के 85 स्वीकृत पद हैं और 12000 पंजीकृत वकील, ऐसे में हमें तुरंत अतिरिक्त जमीन की जरूरत है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति निधि गुप्ता की खंडपीठ ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट कर्मचारी संघ के सचिव विनोद धत्तरवाल और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए भूमि अलॉटमेंट को बेहद जरूरी बताया। याचिकाकर्ता ने कहा था कि हाईकोर्ट की मौजूदा इमारत/परिसर भार सहन करने में सक्षम नहीं है, क्योंकि हाईकोर्ट में लंबित पांच लाख से अधिक न्यायिक फाइलों को रखने के लिए मुश्किल से ही कोई जगह बची है।