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हरियाणा : फंसती जा रही ग्रामीण क्षेत्र में बांटे कर्ज की राशि, ऋण जमा अनुपात में आई बड़ी गिरावट

Sun, 28 Nov 2021 04:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा यशपाल शर्मा, चंडीगढ़

सार

गैर संस्थान क्षेत्रों को अधिक कर्ज, गैर प्राथमिकता क्षेत्र के आंकड़े सुधरे।
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विस्तार
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हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्र में आवंटित कर्ज की राशि फंसती जा रही है। बैंकों को किसान व अन्य ग्रामीण पूर्व की तुलना कम कर्ज लौटा रहे हैं। यही कारण है कि तीन साल में हरियाणा के ऋण जमा अनुपात में बड़ी गिरावट आई है। बैंकों ने गैर संस्थान क्षेत्रों को अधिक कर्ज बांटा है। जिससे भी उनकी राशि फंसी है। गैर प्राथमिकता क्षेत्र ने विकास के मामले में कोविड के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया है। क्रिड यानी सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। 

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क्रिड के शोधकर्ता प्रो. सतीश वर्मा ने हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर राज्यों के ऋण आवंटन डाटा का विश्लेषण किया। जिसमें सामने आया कि मार्च 2018 में हरियाणा का ऋण जमा अनुपात 75.15 प्रतिशत था, जो मार्च 2021 में 66 फीसदी रह गया। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी गिरावट आई है। मार्च 2018 में ग्रामीण क्षेत्र का ऋण जमा अनुपात 90.52 प्रतिशत था, जो मार्च 2021 में 75.55 प्रतिशत पर आ पहुंचा। हरियाणा के शहरी क्षेत्र के ऋण जमा अनुपात में मात्र .3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 

प्रो. वर्मा का कहना है कि कृषि क्षेत्र ने बीते वर्षों में प्रगति की है, ऐसे में ऋण की राशि किसानों और अन्य लोगों को अधिक लौटानी चाहिए थी। इसमें बैंकिंग सेक्टर की भी कमी रही है। उसने ग्रामीण क्षेत्र में गैर संस्थान सेक्टर को अधिक लोन दिए हैं। उससे इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए संस्थान सेक्टर के कर्जदाताओं को ढूंढना होगा। पंजाब में ऋण जमा अनुपात 69.79 फीसदी से कम होकर 59.60 फीसदी पर पहुंचा है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में तो .12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, लेकिन शहरी क्षेत्र में .22 प्रतिशत की गिरावट आई है। जिससे साफ है कि शहरी लोगों ने कम कर्ज लौटाया है। 
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सरकार को कृषि क्षेत्र की तरफ और ध्यान देने की जरूरत है। सरकार को गैर प्राथमिकता क्षेत्र को और बढ़ावा देने की जरूरत है। इससे विकास दर बढ़ेगी। बीते वर्षों में इस क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। हरियाणा सरकार ने हाल में व्यापार, ऑटोमोबाइल, पर्यटन, रेलवे क्षेत्र को प्राथमिकता दी है।  
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गैर प्राथमिकता क्षेत्र का प्रदर्शन
हरियाणा
वर्ष         विकास प्रतिशत दर

2017-18  31.98
2018-19  10.50
2019-20  14.64
2020-21   26.28

पंजाब
2017-18   23.64
2018-19   -7.11
2019-20   11.78
2020-21   18.74 

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