गौतम सरदाना समर्थकों के साथ
विशेष बात यह है कि निगम चुनाव के नतीजे अब लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी पूरा असर डालेंगे। खासकर कुलदीप बिश्नोई के लिए लोकसभा चुनाव में मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। शहर का अधिकतर पंजाबी वोट बैंक चुनावों में हमेशा कुलदीप बिश्नोई के पक्ष में रहा है। मगर इस चुनाव के नतीजों ने साबित कर दिया है कि कुलदीप बिश्नोई के परंपरागत वोट बैंक में भाजपा सेंध लगाने में कामयाब हो गई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि इन चुनावों में सांसद दुष्यंत चौटाला के खेमे की ओर से भी गुपचुप तरीके से गौतम सरदाना की मदद करने से नुकसान कुलदीप बिश्नोई का ही हुआ है।
एकदम से रेखा ऐरन पर दांव लगाना पड़ गया महंगा
सामान्य तौर पर चुनावों में शहर के अग्रवाल समाज के वोट बैंक का पलड़ा सावित्री जिंदल की ओर झुका रहता है। मगर मेयर चुनाव में एकदम से जिंदल परिवार के लिए रेखा ऐरन पर दांव लगाना महंगा पड़ गया। रेखा ऐरन को भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद सुबह कांग्रेस ज्वॉइन करवाकर दोपहर बाद मेयर की टिकट थमाई गई। अग्रवाल समाज के काफी मतदाता शकुंतला राजलीवाला के बजाय रेखा ऐरन को मेयर प्रत्याशी बनाने से भी जिंदल हाउस से नाराज बताए जाते हैं। इसका असर मतगणना के दिन स्पष्ट भी हो गया।
इनकी नहीं बच पाई जमानत
मेयर प्रत्याशियों को जमानत बचाने के लिए पोल हुए वोटों के छठे हिस्से जितने वोट लेने जरूरी थे। मतदान के दिन 1 लाख 38 हजार 550 मतदाताओं ने मतदान किया था। जमानत बचाने के लिए प्रत्याशियों को 23 हजार 91 वोट लेने जरूरी थे। मगर सिर्फ गौतम सरदाना और रेखा ऐरन ही इस आंकड़े को पार कर पाए। रेखा सैनी को भी महज 10 हजार 153 वोट ही मिले।
इनेलो-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी अमित सैनी तो तीन हजार का भी आंकड़ा नहीं छू पाए। उन्हें मात्र 2536 वोट ही मिले। उनसे ज्यादा तो निर्दलीय प्रत्याशी अरविंद खरींटा और महाबीर सैनी के हक में मतदान हुआ। खरींटा को 4 हजार 26 वोट मिले, जबकि महाबीर सैनी को 2883 वोट मिले। वहीं रेखा ऐरन के देवर और निर्दलीय प्रत्याशी कृष्ण ऐरन को भी 2493 वोट ही मिले।
शहर को विकसित बनाएंगे, हर समस्या का समाधान कराएंगे : गौतम सरदाना
शहर की जनता ने मुझे बड़ा समर्थन देकर मेयर बनाया है। इस जीत में शहर की जनता, भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और नेताओं के प्रयास शामिल हैं। निश्चित रूप से सभी मिलकर शहर को विकसित बनाएंगे और हर समस्या का समाधान करवाने में कामयाब होंगे। गौतम सरदाना, नवनिर्वाचित मेयर
वोट खरीदे गए, हमारे वोट काटे गए : हनुमान ऐरन
यह सरकार की जीत है। सरकार ने अपना पूरा तंत्र लगा रखा था। वोट खरीदे गए, हमारे वोट काटे गए। मतदाता सूची में भी गड़बड़ियां की गईं। वार्ड नंबर 12 के 1927 वोट काट रखे थे। फिर भी जनता का फैसला सिर-आंखों पर है। हमें जनता का खूब समर्थन मिला है। मैं और रेखा ऐरन दोनों हिसार वासियों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। -हनुमान ऐरन, रेखा ऐरन के पति