बाढ़ की चपेट में आए हरियाणा के 12 जिलों की स्थिति को देखते हुए हरियाणा सरकार भविष्य में सभी नदियों के साथ बड़े जलाशय बनाने की तैयारी में है। सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को यह प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि हरियाणा राज्य में जितनी भी बड़ी नदियां हैं, उनके आसपास बड़े-बड़े जलाशय बनाकर पानी को रोका जा सकता है।
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प्रस्ताव में सरस्वती नदी के ऊपर बने जलाशयों की वजह से कुरुक्षेत्र के काफी स्थान बाढ़ के प्रभाव से ज्यादा क्षतिग्रस्त नहीं होने का उदाहरण दिया गया है। प्रस्ताव है कि घग्घर नदी, टांगरी नदी, मारकंडा नदी समेत अन्य नदियों पर भी जलाशय बनाए जाएं। प्रस्ताव में दावा किया गया है कि नदियों के साथ साथ बड़े जलाशय बनाने से कई फायदे होंगे। एक तो वहां बाढ़ का प्रकोप अधिक नहीं होगा और दूसरा पानी की रिचार्जिंग जमीन में होगी। इससे भूजल में भी सुधार होगा।
बोर्ड बना रहा 330 एकड़ में जलाशय
सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड अभी 330 एकड़ में रामपुर एरिया, रामपुर कोमबियां और छिलोर गांव की पंचायती जमीन पर जलाशय बना रहा है। इससे सोम नदी, कुछ यमुना और चौतंग नदी के कैचमेंट एरिया के पानी को इन जलाशयों रोका जा सकेगा। इससे पहले, इस बार बोहली, मरचेहडी व रामपुरा गांव में सरस्वती के तट पर तीन जलाशय बनाए हैं। इसका फायदा ये हुआ कि बाढ़ का पानी जब सरस्वती में आया तो उस पानी को इन जलाशयों ने रोक और पानी का बहाव कम हो गया। इससे शहर में पानी नहीं घुस पाया। धूमन सिंह किरमिच ने कहा कि अंबाला से पहले टांगरी और मारकंडा के ऊपर जलाशय बनाए जाएंगे।