हुड्डा ने इस पर कहा कि इसका मकसद जनता की निगरानी है। सरकार इस विधेयक को वापस ले। कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी ने कहा कि अगर यह कानून बन जाता है तो 24 अगस्त को काला दिन माना जाएगा। लोकतंत्र की हत्या करने का माध्यम लोकतंत्र के मंदिर को न बनाएं।
डाटा चोरी व गलत जानकारी पर सजा का प्रावधान
- अगर कोई मृत या जीवित व्यक्ति का गलत पहचान पत्र बनवाता है तो उसे तीन साल सजा व पचास हजार रुपये जुर्माना
- परिवार पहचान संख्या धारक को नुकसान पहुंचाने पर भी तीन साल सजा व पंचास हजार रुपये जुर्माना
- अधिकृत न होने के बावजूद सूचना जुटाने वाले को तीन साल सजा व एक लाख रुपये जुर्माना, अगर कोई कंपनी पहचान पत्र के नाम पर डाटा जुटाती है तो उसके कर्मचारी को तीन साल सजा व दस लाख जुर्माना
- डाटा को हानि पहुंचाने, चोरी करवाने, लीक करने पर दस साल की सजा व पचास लाख रुपये जुर्माना
- मीडिया में डाटा लीक करने पर तीन साल सजा, दस हजार जुर्माना
छिपा हुआ गोलमाल बाहर लाया जाएगा: मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जो भी छिपा हुआ गोलमाल है, वह सब बाहर लाया जाएगा। सुधारात्मक योजनाओं से विपक्षी दलों में घबराहट है। सिस्टम ऐसे बने हुए हैं कि जो दबंग है और ऊंचा बोल सकता है वह सभी योजनाओं का लाभ ले जाता है। गरीब अपनी बात बोल नहीं सकता, इसलिए सुविधाओं से वंचित है। अंतिम व्यक्ति की चिंता के लिए किसी ने भी सिस्टम नहीं बनाया।
64 लाख परिवारों ने परिवार पहचान पत्र में अब तक पंजीकरण करवाया है। अभी तक सालाना आय एक लाख 20 हजार रुपये वाले परिवार को गरीब माना जाता था। अब 1.80 लाख रुपये की सालाना आय वाले परिवारों को बीपीएल में शामिल किया जाएगा। हाईकोर्ट से भी इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है। 3.30 लाख सरकारी कर्मचारियों में से 298274 अपना परिवार पहचान पत्र बनवा चुके हैं।