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Haryana Election: इन जाति के मतदाताओं के रुख पर टिकी जीत-हार, इसलिए भाजपा इस सीट को मान रही पक्की

Mon, 30 Sep 2024 12:14 PM IST
शाहरुख खान दीपक शाही, अमर उजाला, पंचकूला

सार

हरियाणा की पंचकूला विधानसभा सीट पर इन जाति के मतदाताओं के रुख पर जीत और हार टिकी है। लोकसभा चुनाव में मिली बढ़त के बाद भाजपा इस सीट को अपनी पक्की मान रही है।  कांग्रेस लहरों पर गोते लगाने के लिए तैयार है। 
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Haryana Election - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा की मिनी राजधानी कहे जाने वाले पंचकूला विधानसभा में सियासी पारा चढ़ और उतर रहा है। जिसके चलते विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के बीच होने वाला मुकाबला बेहद रोमांचक होता जा रहा है। एक ओर लोकसभा चुनाव में पंचकूला में मिली बढ़त के बाद भाजपा अपनी सीट सुरक्षित मान रही है। 
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वहीं, कांग्रेस जनता के विश्वास के साथ चुनावी लहरों पर गोते लगाने को तैयार है। जबकि आम आदमी पार्टी और जजपा ने बनिया प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, लेकिन मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है।

स्थानीय निवासी सुभाष पपनेजा, एसके नैय्यर, नीतेश मित्तल ने बताया कि 2009 के परिसीमन में बने पंचकूला हलका में इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकास हुए हैं, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी मारा मारी है। 
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वहीं कई बड़े प्रोजेक्ट (मेडिकल कॉलेज, जिला जेल, पंचकूला-यमुनानगर रेल मार्ग, इंजीनियरिंग कॉलेज, सेक्टर-17 और 18 से रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क) धरातल के बजाय आज भी कागजों में हैं। 

नतीजा भाजपा को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित तमाम क्षेत्रीय पार्टियां बड़े मुद्दों सहित कालोनियों के पुनर्वास, कूड़ा निस्तारण, अतिक्रमण, लावारिस पशुओं, आवारा कुत्तों और औद्योगिक क्षेत्र की टूटी सड़कों जैसे मुद्दों पर घेरने में जुटी हैं।

 

ज्ञानचंद व चंद्रमोहन के अपने-अपने दावे
2009 में परिसीमन के बाद बने पंचकूला हलके में 2014 और 2019 में भाजपा के ज्ञानचंद गुप्ता जीते। गुप्ता ने अपने कार्यकाल में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन से जुड़े कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कराएं हैं। सरकारी कोष से सामाजिक और धार्मिक संगठनों को फंड भी बांटे हैं। दूसरी ओर चंद्रमोहन को पंचकूला में अपनी पहली जीत की तलाश है। हालांकि वे पंचकूला से सटे कालका से चार बार विधायक बन चुके हैं। 

 

गुप्ता दस साल में कराए गए काम के नाम पर वोट मांग रहे हैं जबकि चंद्रमोहन का दावा है कि हुड्डा सरकार में यहां का विकास हुआ था, वह पंचकूला को एजुकेशनल हब बनाएंगे। बुनियादी सुविधाओं की कमी पूरी करेंगे।

 

कांग्रेस के लिए अपनों का साथ लेकर चलना चुनौती
पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन का पंचकूला और कालका विधानसभा क्षेत्र में दबदबा है। शुरू से ही कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों का वोट बैंक उनकी ताकत रहा है, लेकिन टिकट नहीं मिलने के चलते कांग्रेस के कई बड़े चेहरे उनसे नाराज होकर बैठ गए हैं। युवा कांग्रेस भी उनके लिए काम नहीं कर रही। वह 2009 के बाद कोई चुनाव नहीं जीत पाए हैं। इसलिए वापसी करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

 

आप में टूट, योगेश्वर भाजपा में शामिल
आम आदमी पार्टी के पुराने नेताओं को तवज्जो नहीं मिलने के चलते पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेश्वर शर्मा 250 कार्यकर्ताओं और 50 पदाधिकारियों के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसका आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी प्रेम गर्ग को नुकसान हो सकता है।

 
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करीब 44 हजार पंजाबी, 40 हजार वैश्य मतदाता
पंचकूला में कुल 2,36,193 मतदाता हैं। इनमें 1,24,181 पुरुष और 1,12,004 महिलाएं हैं। सबसे ज्यादा करीब 44 हजार पंजाबी हैं। 40 हजार बनिया, 32 हजार एससी मतदाता हैं। अन्य जातियों की बात करें तो करीब 21 हजार ब्राह्मण, 8-8 हजार गुर्जर व राजपूत, 7 हजार के करीब सैनी और करीब 10 हजार जाट मतदाता हैं।

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