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अब इस विधेयक पर हरसिमरत ने मोदी सरकार को घेरा, ट्वीट कर लिखा- दुखद दिन

Thu, 24 Sep 2020 12:28 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरसिमरत कौर बादल - फोटो : @HarsimratBadal_
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शिरोमणि अकाली दल सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। हरसिमरत ने जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक भाषा विधेयक को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। हरसिमरत ने ट्वीट किया कि 'यह देखकर दुख है कि एक और अनुरोध का व्यर्थ हो गया है। केंद्र सरकार ने न केवल जम्मू-कश्मीर में बसे 13 लाख पंजाबियों को बल्कि पूरे समुदाय की भावनाओं को नजरअंदाज करते हुए जम्मू-कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक 2020 में पंजाबी भाषा को शामिल किए बिना ही पारित कर दिया है। यह दुखद दिन है!

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इन पांच भाषाओं को मिला आधिकारिक दर्जा
बता दें कि संसद ने मानसून सत्र के आखिरी दिन यानी बुधवार को जम्मू-कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक-2020 को मंजूरी प्रदान कर दी। जिसमें पांच भाषाओं हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी और डोगरी को केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का प्रावधान है। 

विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि जम्मू कश्मीर के 74 प्रतिशत लोगों की भाषा कश्मीरी और डोगरी है किंतु इन भाषाओं को 70 साल तक राज्य की आधिकारिक भाषा नहीं बनाकर लोगों को उनकी आकांक्षाओं से वंचित रखा गया।

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कृषि विधेयक के विरोध में हरसिमरत ने दिया था इस्तीफा

बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अपना इस्तीफा दे दिया था। हरसिमरत पंजाब की बठिंडा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। अपने इस्तीफे के बाद हरसिमरत ने ट्वीट कर कहा था कि मैंने किसान विरोधी विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने पर गर्व है। हरसिमरत कौर बादल मोदी कैबिनेट में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री थीं।

बादल दंपती श्री दमदमा साहिब में आज होंगे नतमस्तक
हरसिमरत कौर बादल अपने सांसद पति सुखबीर सिंह बादल एवं शिअद नेताओं और कार्यकर्ता के साथ गुरुवार को तलवंडी साबो स्थित श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होंगी। शिअद श्री दमदमा साहिब से ही किसानों के हक में खडे़ होने का आगाज करेगा। 

यह जानकारी बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान शिअद के पूर्व विधायक सिकंदर सिंह मलूका एवं सरूप चंद सिंगला ने दी। शिअद के दोनों पूर्व विधायक मलूका एवं सिंगला ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी शिवसेना के सांसदों ने कृषि विधेयक के हक में वकालत की है, अगर कांग्रेस इतनी ही ईमानदार है तो शिवसेना से नाता क्यों नहीं तोड़ लेती। 

दोनों नेताओं ने बताया कि शिअद 25 सितंबर को किसानों के हक में चक्का जाम कर बंद का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि जब तक किसान विरोधी बिल केंद्र सरकार वापस नहीं लेती तब तक पूरा अकाली दल किसानों के साथ है।
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