इंजीनियरिंग की इस टॉपर स्टूडेंट के साथ कॉलेज ने ऐसा चौंकाने वाला कारनामा कर दिया था किउसका कैरियर दाव पर लग गया। देखिए कहीं आपके साथ न हो जाए। मामला हरियाणा के झज्जर का है। एमडीयू रोहतक से संबंधित इंजीनियरिंग कॉलेज की दिव्या हर सेमेस्टर में टॉपर रही।
छठे सेमेस्टर में 75 प्रतिशत अंक आए, लेकिन 7वें सेमेस्टर के ऑप्टिकल कंप्यूटर पेपर में कॉलेज ने 100 में से 3 नंबर दिए। यह देखकर दिव्या और उसके मां बाप के होश उड़ गए। अब उन्होंने कॉलेज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिव्या ने सीएम से लेकर राज्यपाल तक मामला पहुंचाया।
जांच हुई तो पता चला कि उसके साथ पढ़ने वाले एक स्टूडेंट ने दोस्त के साथ मिलकर उसकी आंसरशीट के पन्ने अपनी में लगा लिए और अपनी आंसरशीट के पन्ने उसकी में। अब छात्रा को एमडीयू ने 54 नंबर देकर पास किया है। वहीं पुलिस ने इस मामले में एक छात्र व कॉलेज के दो पूर्व कर्मियों पर केस दर्ज कर लिया है।
पिता ने इस तरह बयां की कहानी
दिव्या, इंजीनियरिंग की टॉपर स्टूडेंट
राजबीर और उनकी पत्नी रेखा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दिव्या शुरू से ही पढ़ाई में टॉपर रही है। वह सीबीएसई इंजीनियरिंग कॉलेज झज्जर से बीटेक कर रही थी। जनवरी 2016 में हुई 7वें सेमेस्टर में दिव्या के एक विषय में 3 नंबर आए। आरटीआई के जरिए आंसरशीट की फोटो कॉपी घर मंगवाई तरे यह देखकर हैरानी हुई आंसरशीट के दो पेज को छोड़कर बाकी खाली थे।
एमडीयू में जाकर असली आंसरशीट देखी गई तो उसकी पिन टूटी हुई मिली। दिव्या के माता-पिता ने इसके बारे में सीएम से बात की। उसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय, सीएम विंडो, शिक्षा मंत्री, राज्यपाल को पत्र लिख न्याय मांगा। दिव्या ने भी राज्यपाल को मार्मिक पत्र लिखा था। इस तरह लगातार दबाव बनने पर ही एमडीयू ने जांच के लिए कमेटी बैठाई थी।
दूसरे की आंसरशीट में मिले पन्ने
जांच में सभी आंसरशीट जांची गई तो पाया कि इसी सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे काॅलेज के छात्र झज्जर निवासी कमल की आंसरशीट में दिव्या के लिखे हुए सभी पेज पिन लगे हुए मिले। एमडीयू प्रशासन ने कमल समेत सीबीएसई कॉलेज की पूर्व फैकल्टी रहे हरदीप लौरा और प्रदीप चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कराया।
आंसरशीट के पन्ने बदलने के मामले की जांच चल रही है। आरोपी लेक्चरर को भी तफ्तीश में शामिल किया जाएगा।
- राजबीर, एसआई, जांच अधिकारी, रोहतक