इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स का ये अनोखा आइडिया इंडियन रेलवे के बड़े काम आ सकता है। अगर इसे अपना लिया जाये तो एक समस्या का समाधान हो जाएगा। स्टूडेंट्स ने इंडियन रेलवे को एक ऐसा आइडिया दिया है, जिससे सर्दियों में कोहरे के कारण ट्रेन के न तो थमेंगे और न ही ये कैंसिल होगी।
कोहरे में सिग्नल दिखाई देने के लिए हरियाणा में सोनीपत जिले के हिंदू कॉलेज के छात्रों ने एक माइक्रो कंट्रोलर एंबेडिड (जीएसएम व सीडीएमए) सिस्टम तैयार किया है। इस सिस्टम को ट्रेन में लगाकर चलाया जाएगा तो कोहरे में भी ग्रीन व रेड सिग्नल ट्रेन चालक अपने केबिन में देख सकता है।
बता दें कि कॉलेज के छात्रों ने यह सिस्टम तैयार करके रेलवे मंत्रालय को भेजा था, जिसे वहां से अप्रूवल मिल गई है। अब उदयपुर के रेलवे ट्रेनिंग सेंटर में जाकर एक अप्रैल को लगातार 36 घंटे तक इस प्रोजेक्ट पर काम करके रेलवे को दिखाना होगा। अगर रेलवे को यह प्रोजेक्ट बेहतर लगता है तो उस पर बड़े स्तर पर काम करके लागू किया जा सकता है।
इस तरह काम करेगा ये सिस्टम
इंडियन रेलवे के लिए अनोखा डिवाइस
हिंदू कालेज ऑफ इंजीनियरिंग के गौरव सिन्हा व विनय सिंघल ने बताया कि छात्रों ने डिवाइस बेस्ड सिस्टम तैयार किया है। जिसमें उनकी ओर से कुछ प्रोग्राम डाले गए हैं जो जीएसएम व सीडीएमए दोनों तरह के सिग्नल पर काम करेगा। इसके लिए रेलवे अपने सिग्नल भी दे सकता है तो किसी टेलीकॉम कंपनी के सिग्नल भी लिए जा सकते हैं।
इसके लिए डिवाइस व डिस्पले ट्रेन चालक के केबिन में लगाए जाएंगे, जिससे उसको सब कुछ अपने केबिन में पता चलता रहेगा कि लाइन खाली है या सामने से आने वाली ट्रेन कितनी दूर है। इससे कोहरे में सिग्नल नहीं दिखाई देने वाली समस्या खत्म हो जाएगी।
केंद्र सरकार ने मांगे थे ऑनलाइन सुझाव
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केंद्र सरकार ने इन समस्याओं के निस्तारण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों की ओर से ऑनलाइन सुझाव मांगे गए थे। यह सुझाव स्मार्ट इंडिया हैकेथन 2017 के तहत मांगे गए थे, जिसमें हिंदू कॉलेज आफ इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशंस के छात्रों दीपक जोशी, दीपक मित्तल, प्रिंस, आशीष गुप्ता, अमरीश, उद्भव सिंघल ने अपना प्रोजेक्ट भेजा था।
उस प्रोजेक्ट पर वह शिक्षक गौरव सिन्हा व विनय सिंघल की देखरेख में काम कर रहे थे। उनके प्रोजेक्ट को रेलवे ने अप्रूवल देकर इन सभी को उदयपुर के ट्रेनिंग सेंटर में बुलाया है, जहां इन सभी को प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। प्रो. केके सैनी, डायरेक्टर व प्रिंसिपल हिंदू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने छात्रों के इस आविष्कार पर खुशी जताई है।