पंजाब पुलिस का एक सिपाही, जो न तो सैलरी लेता है न ही छुट्टी। उसने हमेशा अपनी ड्यूटी की और इस बीच कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का शिकार भी हुआ। तीन साल के लंबे इलाज के बाद कैंसर को मात देकर अब फिर देश की सेवा के लिए तैयार है। यहां बात हो रही है पंजाब के जिला फरीदकोट में पुलिस में तैनात फीमेल डॉग सिम्मी की। सिम्मी की उम्र महज 6 साल की है और पिछले 3 साल से वह कैंसर से पीड़ित थी।
फरीदकोट पुलिस ने इसका इलाज करवाया और अब यह कैंसर को हरा कर देश सेवा के लिए दोबारा तैयार है। सिम्मी ने अपनी ड्यूटी दौरान पुलिस के साथ मिल के बड़े बड़े ऑपरेशन में अपराधियों को जेल की हवा खिलाई है। अपराधियों को पकड़ने के लिए इस डॉग को पुलिस विभाग से स्पेशल ट्रेनिंग मिली हुई है। इसने कई बड़े मर्डर केस और ड्रग रैकेट को सूंघ के दोषियों तक पुलिस को पहुचाया। इसे पुलिस विभाग की तरफ से एसी, स्पेशल डाइट और दवाओं समेत सभी सहूलियतें मिल रही हैं। किसी केस या मिशन पर जाने के लिए इसे एक स्पेशल गाड़ी भी दी गई है और दो पुलिस मुलाजिम इसके साथ जाते हैं।
हेड कॉन्स्टेबल कुलबीर सिंह ने सिम्मी डॉग की देखभाल की जिसकी बदौलत इसने कैंसर की बीमारी से निजात पाई। इसकी डाइट से लेकर दवाइयां तक सब कुलबीर सिंह की जिम्मेदारी थी। वह डॉग हैंडलर हैं जो 24 घंटे सिम्मी के साथ रहते है और जब कहीं ड्यूटी पर जाना हो तो यही साथ में जाते हैं। फरीदकोट के एसएसपी हरजीत सिंह खुद इसका हाल चाल लेने रोज शाम को इसके रूम में आते हैं।
एसएसपी हरजीत सिंह ने बताया कि हमारे पुलिस विभाग में 3 डॉग हैं। सिम्मी नाम के डॉग को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ही गई थी। मगर पुलिस विभाग ने इसका इलाज करवाया जिसके बाद यह अब ठीक है।