उनका कहना है कि वे तीन दिन तक डटे रहेंगे। इसके अलावा 27 नवंबर को होने वाली बैठक में जो फैसला आएगा, उसके हिसाब से तय किया जाएगा कि आगे की रणनीति क्या होगी। वह अपने साथ दो महीने का राशन लेकर आए हैं। जरूरत पड़ी तो मांगों के लिए लंबे समय तक डटे रहेंगे।
रात से ही जुटने लगे थे किसान
जगतपुरा के पास 25 नवंबर को दोपहर 12 बजे रोड डायवर्ट होने की एडवाइजरी मोहाली पुलिस ने जारी की थी। शाम तक तो रोड बंद नहीं हुआ और न ही किसान पहुंचे। वहीं शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में किसानों के पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस जवानों ने भी मोर्चा संभाला।
रैपिड एक्शन फोर्स, बीएसएफ, मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस तैनात
मोहाली की तरफ से आने वाले किसानों को चंडीगढ़ के सीमा पर गांव फैदां पर ही रोक लिया जाएगा। यहां पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। वहीं चंडीगढ़ सीमा पर यूटी पुलिस के जवानों के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स, बीएसएफ भी तैनात है। एयरपोर्ट की ओर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
त्रिस्तरीय सुरक्षा के जरिए किसानों को रोकने की तैयारी
मोहाली और चंडीगढ़ प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाई है। इसमें पहली पंक्ति में पंजाब पुलिस, उसके बाद चंडीगढ़ पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। वहीं दूसरी पंक्ति में रैपिड एक्शन फोर्स और अर्धसैनिक के जवान किए गए हैं। इनके साथ वज्र वाहन और वाटर कैनन जैसे वाहन भी तैनात हैं। तीसरी पंक्ति में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं।