पंजाब के फिरोजपुर जिले गांव बोहड़ा वाली में फसल बबार्द होने पर एक किसान ने खुदकुशी कर ली है। किसान के सिर पर काफी कर्ज है। परिजनों का कहना है कि पिछले दिनों बारिश, ओलावृष्टि व तेज आंधी के चलते गेहूं का झाड़ कम हुआ है। इससे वह परेशान रहता था।
भारतीय किसान यूनियन एकता (डकोंदा) के ब्लाक प्रधान परनीत सिंह ने बताया कि किसान सुलखन सिंह (52) निवासी बोहड़ा वाली गेहूं की कम पैदावार होने से परेशान था। यही वजह थी कि किसान ने खेत में जाकर जहरीली दवा निगलकर खुदकुशी कर ली है। सुलखन गेहूं की फसल बेचकर कर्ज उतारना चाहता था लेकिन झाड़ कम होने से बहुत दुखी था।
सरकार ने खराब फसल का मुआवजा देने की बात कही लेकिन न तो किसान के खाते में धनराशि आई है और न ही पटवारियों ने गिरदावरी की है। किसान संगठनों के नेताओं ने पंजाब सरकार से किसान सुलखन सिंह के परिवार की आर्थिक मदद करने की मांग की।
बीमारी से परेशान वृद्ध ट्रेन के आगे कूदा
अबोहर के सीतो रोड स्थित स्थानीय न्यू कैलाश नगर निवासी एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने बीमारी से परेशान होकर रेलगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही जीआरपी ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मृतक की पहचान मंगा सिंह के रूप में हुई।
घटनास्थल पर पहुंचे मृतक के बेटे ने बताया कि उसका पिता बीमारी के कारण पिछले काफी समय से परेशान था। इसके चलते सोमवार सुबह वह घर से चला आया और ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इधर, घटना का पता चलते ही जीआरपी के एएसआई कुलवंत सिंह और संस्था नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्य बिट्टू नरूला और रवि मौके पर पहुंचे और शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।