झज्जर में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पहुंचे।
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हरियाणा में झज्जर-रोहतक नेशनल हाईवे 71 पर डीघल टोल प्लाजा पर चल रहे धरने में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पहुंचे। इस दौरान टिकैत ने कहा कि सरकार के पास एक ही रास्ता है, कानूनों को वापस ले। हमने सरकार को कह दिया है कि कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं।
टिकैत ने कहा कि सोमवार को जब सरकार से बातचीत चल रही थी तो हमने कहा कि एक भी व्यक्ति आपकी बात से सहमत होगा, उसको कमेटी से निकाल दिया जाएगा। सरकार जल्द कानूनों को वापस ले, अन्यथा सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। गांवों से संदेश आ गया है कि कानून वापसी बगैर घर के दरवाजे बंद हैं।
हरियाणवी कलाकर देव कुमार देवा कहा कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों से अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब किसान एकता की लहर चल चुकी है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत कृषि कानूनों को रद्द करे। भाकियू के सचिव डिंपी अहलावत ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रही है, मगर यह आंदोलन टूटने वाला नहीं है। इस आंदोलन के दम पर किसान जीतकर आएंगे और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवा कर ही मानेंगे।
आंदोलन को खराब करने के लिए असफल प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन किसान नेता डटे हुए हैं। सरकार निजी कंपनियों के दबाव के चलते ये कानून रद्द नहीं कर रही है। इस मौके पर पूर्व सरपंच मागेंराम, युवा किसान बिजेंद्र, दीपक, तेजबीर सिंह बाघपुर किसान आंदोलन संघर्ष समिति के प्रधान, सतीश अहलावत, अनिल, हंसराज आदि किसान मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन के सचिव डिंपी अहलावत ने सभी किसान नेताओं का धन्यवाद किया।
बारिश में डटे रहे किसान
डीघल टोल को 11वें दिन भी किसानों ने फ्री रखा। वहीं बारिश के दौरान भी किसान धरने पर डटे रहे। किसानों को जब इस बात का पता चला कि राकेश टिकैत धरनास्थल पर पहुंचेंगे तो आसपास के गांवों से भी काफी संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए।