हड़ताल की वजह से लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा है। लोगों ने कहा कि सरकार न तो कानून और व्यवस्था बनाकर रख सकी और न ही स्वास्थ्य सेवाएं दे पा रही है। अपने प्रचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों को बंद कर आम आदमी क्लीनिक खोलने पर तुली है। ऐसी सरकार से सुविधाएं मिलने की उम्मीद कम है।
लुधियाना: एंबुलेंस के लिए भटकते रहे परिजन, मरीजों को ऑटो रिक्शा और निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया
पंजाब में 108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल रविवार को चौथे दिन भी जारी रही। राज्य के हजारों एंबुलेंस कर्मी पूरा दिन लाडोवाल टोल प्लाजा के पास धरने पर डटे रहे। हड़ताल के दौरान सभी 325 एंबुलेंस लाडोवाल में टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे खाली खड़ी रहीं। वहीं एंबुलेंस के लिए मरीजों के परिजन सड़कों पर इधर-उधर भटकते रहे। एंबुलेंस के लिए कोई चौक चौराहों पर भटकता नजर आया तो किसी ने निजी अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाकर मरीज को अस्पताल पहुंचाया।
निजी एंबुलेंस चालकों ने मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की एवज में मनमाना किराया वसूल किया। कई जगह पर दो से तीन गुना तक अधिक किराया वसूलने की खबरें भी सामने आईं। फालतू किराया चुकाने में असमर्थ गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों ने ऑटो रिक्शा, टैक्सी और दो-पहिया वाहनों का सहारा लिया।
108 नंबर डायल करने पर नहीं मिल रहा संतोषजनक जवाब
रविवार को भी सभी कर्मचारी लुधियाना में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने एंबुलेंस के साथ पहुंचे। इस वजह से अमृतसर में लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नंबर डायल करने पर 108 नंबर भी नहीं मिल रहा। जब मिला तो कर्मचारी ने कहा कि हड़ताल कब खत्म होनी है यह सिर्फ हड़ताली कर्मचारी या फिर हमारे अधिकारी ही बता सकते हैं।
पंजाब सरकार निर्धारित करती है वेतन: प्रबंधन
चिकित्सा हेल्थकेयर लिमिटेड (108 एंबुलेंस सेवा) के ऑपरेशन हेड गुरअरमन ने कहा कि अभी हड़ताल पर गए कर्मचारी लौटे नहीं हैं। एंबुलेंस 108 के पंजाब प्रोजेक्ट हेड मनीष बत्रा ने इस मुद्दे पर कहा कि एंबुलेंस कर्मचारी संघ द्वारा उठाए मुद्दों में सच्चाई नहीं है। 108 एंबुलेंस सेवा कर्मचारियों का वेतन पंजाब सरकार के अनुसार निर्धारित किया जाता है। दूसरा कर्मचारियों को भारत की कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत कवर किया गया है, जो कर्मचारियों को सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक बहु-आयामी सामाजिक सुरक्षा योजना है।