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Haryana News: वाहन खरीदारों पर दोहरी मार, एक्स-शो रूम कीमत पर वसूल रहे रोड टैक्स

Sun, 15 Jan 2023 10:21 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मामला वित्त विभाग का है, जो मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास है। सरकार इस त्रुटि को सुधारकर राजस्व नुकसान से बच सकती है चूंकि दोहरा टैक्स वसूले जाने के कारण वाहन खरीदार हरियाणा में पंजीकरण कम करवा रहे हैं। अन्य प्रदेशों से वाहन पंजीकरण करवाने पर सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock
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विस्तार
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हरियाणा में वाहन का पंजीकरण कराने में खरीदारों को अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है। नियमानुसार खरीदारों से पंजीकरण के समय वाहन की वास्तविक कीमत पर रोड टैक्स लिया जाता है लेकिन प्रदेश सरकार एक्स शोरूम कीमत पर रोड टैक्स वसूल रही है। इससे प्रदेश की जनता पर दोहरी मार पड़ रही है। हरियाणा के पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब व केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में वाहन की वास्तविक कीमत पर ही पंजीकरण के समय रोड टैक्स लिया जाता है। 

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एडवोकेट दीपांशु बंसल ने प्रदेश सरकार को कानूनी नोटिस भेजकर पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर रोड टैक्स वसूलने का आग्रह किया है। उन्होंने चेताया है कि अगर हरियाणा सरकार ने अपनी त्रुटि को नहीं सुधारा तो वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में परिवहन विभाग की दोहरी टैक्स वसूली के खिलाफ याचिका दायर करेंगे। शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल चार अक्तूबर 2019 को इस संबंध में परिवहन आयुक्त कार्यालय से आरटीआई में भी जानकारी हासिल कर चुके हैं। 

आरटीआई के जवाब में परिवहन आयुक्त कार्यालय ने बताया था कि परिवहन विभाग की 29 सितंबर 2017 की अधिसूचना को संशोधित करने के लिए एक प्रस्ताव सरकार से अनुमोदित करवाया गया था। उसमें वाहन की वास्तविक कीमत पर ही रोड टैक्स वसूलने की मांग शामिल थी। वित्त विभाग ने अन्य मांगों को तो स्वीकृति दे दी लेकिन एक्स शोरूम कीमत के बजाय वास्तविक कीमत पर टैक्स लेने के मामले पर सहमति नहीं दी गई। पूर्व में विजय बंसल ने भी कानूनी नोटिस सरकार को भेजा था, जिस पर परिवहन विभाग ने वित्त विभाग के समक्ष दोबारा प्रस्ताव भेजा हुआ है। दीपांशु के कानूनी नोटिस पर सरकार क्या जवाब भेजती है, अब यह देखना होगा। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा का कहना है कि वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष इस मामले को उठाएंगे। अगर नियमों में त्रुटि है तो उसे सुधारा जाएगा।

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हरियाणा व चंडीगढ़ की टैक्स वसूली में ये अंतर 
दीपांशु ने हाल ही में नई स्कोडा स्लाविया खरीदी, जो उसे 10 लाख 95 हजार 862 रुपये में पड़ी। दीपांशु ने वाहन खरीदते समय जीएसटी समेत अन्य सेस समेत कुल 4 लाख 69 हजार 862 रुपये टैक्स भर दिया, जिससे कुल खर्च 15 लाख 55 हजार रुपये से अधिक खर्च हो गए। हरियाणा सरकार ने वाहन पंजीकरण के समय वास्तविक कीमत के बजाय कुल एक्स शोरूम कीमत को सेल प्राइस माना और 8 प्रतिशत यानी 1 लाख 30 हजार रुपये टैक्स वसूल किया। दीपांशु ने बताया कि उन्होंने वाहन को चंडीगढ़ से खरीदा है, इसलिए उसका अस्थायी पंजीकरण चंडीगढ़ परिवहन विभाग ने स्कोडा स्लाविया की वास्तविक कीमत 10 लाख 96 हजार 551 पर ही किया। यह पंजीकरण अभी 13 मई 2023 तक मान्य है।

दूसरे प्रदेशों में पंजीकरण से राजस्व नुकसान 
मामला वित्त विभाग का है, जो मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास है। सरकार इस त्रुटि को सुधारकर राजस्व नुकसान से बच सकती है चूंकि दोहरा टैक्स वसूले जाने के कारण वाहन खरीदार हरियाणा में पंजीकरण कम करवा रहे हैं। अन्य प्रदेशों से वाहन पंजीकरण करवाने पर सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।

कानूनी नोटिस में ये कहा 
दीपांशु बंसल ने मुख्य सचिव, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव व परिवहन आयुक्त को भेजे कानूनी नोटिस में वाहन पंजीकरण के समय वास्तविक कीमत पर रोड टैक्स वसूलने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जीएसटी समेत भरे गए अन्य टैक्स पर रोड टैक्स न लिया जाए। सरकार पूर्व में जारी अधिसूचनाओं को रद्द करे या फिर उनमें संशोधन किया जाए। साथ ही वाहन खरीदारों से पंजीकरण के समय जो अधिक टैक्स वसूला गया है, उसे वापस करें। 
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