हरियाणा व चंडीगढ़ की टैक्स वसूली में ये अंतर
दीपांशु ने हाल ही में नई स्कोडा स्लाविया खरीदी, जो उसे 10 लाख 95 हजार 862 रुपये में पड़ी। दीपांशु ने वाहन खरीदते समय जीएसटी समेत अन्य सेस समेत कुल 4 लाख 69 हजार 862 रुपये टैक्स भर दिया, जिससे कुल खर्च 15 लाख 55 हजार रुपये से अधिक खर्च हो गए। हरियाणा सरकार ने वाहन पंजीकरण के समय वास्तविक कीमत के बजाय कुल एक्स शोरूम कीमत को सेल प्राइस माना और 8 प्रतिशत यानी 1 लाख 30 हजार रुपये टैक्स वसूल किया। दीपांशु ने बताया कि उन्होंने वाहन को चंडीगढ़ से खरीदा है, इसलिए उसका अस्थायी पंजीकरण चंडीगढ़ परिवहन विभाग ने स्कोडा स्लाविया की वास्तविक कीमत 10 लाख 96 हजार 551 पर ही किया। यह पंजीकरण अभी 13 मई 2023 तक मान्य है।
दूसरे प्रदेशों में पंजीकरण से राजस्व नुकसान
मामला वित्त विभाग का है, जो मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास है। सरकार इस त्रुटि को सुधारकर राजस्व नुकसान से बच सकती है चूंकि दोहरा टैक्स वसूले जाने के कारण वाहन खरीदार हरियाणा में पंजीकरण कम करवा रहे हैं। अन्य प्रदेशों से वाहन पंजीकरण करवाने पर सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
कानूनी नोटिस में ये कहा
दीपांशु बंसल ने मुख्य सचिव, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव व परिवहन आयुक्त को भेजे कानूनी नोटिस में वाहन पंजीकरण के समय वास्तविक कीमत पर रोड टैक्स वसूलने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जीएसटी समेत भरे गए अन्य टैक्स पर रोड टैक्स न लिया जाए। सरकार पूर्व में जारी अधिसूचनाओं को रद्द करे या फिर उनमें संशोधन किया जाए। साथ ही वाहन खरीदारों से पंजीकरण के समय जो अधिक टैक्स वसूला गया है, उसे वापस करें।