भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहे पंजाब के पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलजियां के लेनदेन का सारा हिसाब उनका भतीजा दलजीत गिलजियां ही संभालता था। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को दलजीत के कब्जे से संगत सिंह गिलजियां की चेकबुक और पासबुक भी बरामद हुई है, जिसे लेकर ब्यूरो के अधिकारी दलजीत से अब तक किए गए लेनदेन के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।
अधिकारियों का मानना है कि इसके जरिये रिश्वतखोरी का शिकार और रिश्वतखोरी में शामिल कई अन्य नाम भी सामने आएंगे। दूसरी ओर, विजिलेंस ब्यूरो ने दलजीत की निजी मर्सीडीज कार पर एमएलए का स्टीकर लगा होने का मामला चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दिया है। इस संबंध में ब्यूरो की तरफ से एसएसपी चंडीगढ़ पुलिस को पत्र लिख दिया गया है। ब्यूरो ने पहले इस मामले को अपने पास रखने का फैसला लिया था, लेकिन चंडीगढ़ नंबर की इस मर्सीडीज कार के जरिये दलजीत गिलजियां पंजाब सरकार के सभी महत्वपूर्ण और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर आवाजाही करता रहा। इसे देखते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने यह मामला चंडीगढ़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
विजिलेंस ब्यूरो ने दलजीत गिलजियां को रिमांड पर लेने के बाद वन विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़े अलग-अलग मामलों पर एक साथ पूछताछ शुरू की। इसके तहत खैर से पेड़ काटने का परमिट जारी करने के एवज में संगत सिंह गिलजियां को 5 लाख रुपये की रिश्वत पहुंचाने का मामला भी शामिल है। विजिलेंस के अधिकारी दिलजीत गिलजियां की भूमिका को खंगालने लगे हैं।