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कर्फ्यू की धज्जियां: पंजाब में कोरोना के खतरे के बीच उमड़ी भीड़, ये गलती बढ़ा सकती सकंट

Tue, 31 Mar 2020 09:46 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पंजाब
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लुधियाना में सब्जी मंडी में उमड़ी भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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सोमवार को बैंक खुलते ही पैसे निकालने को लेकर लोगों की बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारे लग गई। कतारों में खड़े लोगों ने एक-दूसरे से दूरी भी नहीं बनाई। इसके अलावा जलालाबाद में ईटीटी और बीएड की भर्ती को लेकर लिए जाने वाले टेस्ट की जमा होने वाली फीस की 31 मार्च अंतिम  तिथि होने के कारण बैंक के बाहर नौजवानों की भीड़ लग गई।   

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पंजाब सरकार की तरफ से ईटीटी की 1600 और बीएड के लिए करीब 3000 पोस्ट भरने का एलान किया था। सरकार ने इसके टेस्ट के लिए 31 मार्च अंतिम तिथि निश्चित की थी। सोमवार को बैंक खुलने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी पीएनबी पहुंचे। बैंक में विद्यार्थियों की फीस जमा नहीं हुई। उधर ईटीटी टेट पास यूनियन के सूबा प्रधान अमरजीत कम्बोज का कहना है कि या तो सरकार ऑनलाइन फीस जमा करने की सुविधा दे या फिर तारीख आगे बढ़ाई जाए। एसडीएम केशव गोयल ने बताया कि उन्होंने विद्यार्थियों और लोगों को अपने और दूसरों से दूरी बना कर बैंक में प्रवेश करने के लिए आदेश दिए हैं।

अबोहर: बैंक खुलते ही उमड़ी ग्राहकों की भीड़

बैंक के बाहर उमड़ी लोगों को भीड़।
लॉकडाउन के दौरान सरकार सोमवार से अगले दो दिनों के लिए सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बैंक खोल दिए गए। इसकी सूचना मिलते ही बैंकों के बाहर पैसे लेने वालों की लंबी लाइनें लग गई। इस पर बैंक अधिकारियों ने मुख्य गेट बंद कर लिए और पुलिस प्रशासन को सूचना देकर स्थिति को नियंत्रित कराया। 

गली नंबर 4 स्थित एसबीआई एवं पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के बाहर लगी लाइनों में अधिकतर बुजुर्ग, विधवाएं एवं जरूरतमंद थे। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखा गया। बैंक स्टाफ ने उपभोक्ताओं को एक-एक करके अंदर जाने दिया गया। पेंशन लेने पहुंची आनंद नगरी निवासी करीब 81 वर्षीय शीला रानी ने बताया कि वह सुबह ही पीएनबी आ गई थीं। 

करीब एक घंटे बाद जब उसकी बारी आई तो पता चला कि सरकार ने पेंशन राशि जारी ही नहीं की है। ऐसे में उसे खाली हाथ निराश ही घर लौटना पड़ा। उन्होंने सरकार से मांग की कि विधवा, बुढ़ापा और विकलांग पेंशन की राशि भी शीघ्र ही जारी की जाए। ताकि ऐसी आपत स्थित में उनका भी गुजारा चल सके। 
 
जिला मजिस्ट्रेट अरविन्द पाल सिंह संधू ने बताया कि कर्फ्यू दौरान सभी बैंक ब्रांचों, एटीएम, नगदी ले जाने वाली एजेंसियां, बैंकों को आईटी की सहायता देने वालों को छूट दी गई है। बैंक 31 मार्च को खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल को बैंक में जनता के काम नहीं करेंगे। ग्राहकों की भीड़ को संभालने के लिए प्रत्येक शाखा और एटीएम पर पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। बैंकिंग स्टाफ के शिनाख्ती कार्ड को ही कर्फ्यू पास माना जायेगा।

जालंधर: मार्केट खुलते ही उमड़ी दवा लेने वालों की भीड़

जिला प्रशासन ने दवा की दुकानों को कुछ समय के लिए खोलने की इजाजत दी है। सोमवार को जब होलसेल दवा दिलकुशा मार्केट खुली तो सैकड़ों लोग कर्फ्यू को दरकिनार कर दुकानों पर पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा व न ही मुंह पर मास्क लगाना ठीक समझा। लोग एक दूसरे के साथ जुड़कर दवाएं खरीदते नजर आए। 

डॉक्टर की पर्ची दिखाने पर प्रशासन ने दवा लाने की छूट दी हुई है, जिसके कारण पुलिस भी इन लोगों को रोकने में पूरी तरह से बेबस नजर आ रही है। इस संबंध में वहां पर तैनात एएसआई रवि कुमार ने कहा कि वह जनता को काफी समझाने का प्रयास कर रहे हैं। जब वह दूसरी तरफ जाते हैं तो लोगों की भीड़ दोबारा लग जाती है। लोगों की भीड़ से दवा विक्रेता भी परेशान हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मार्केट में पुलिस मुलाजिमों की संख्या बढ़ाई जाए। 

ढील मिलते ही पेट्रोल पंप पर भीड़ इकट्ठा
कर्फ्यू के दौरान सोमवार को डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने सभी पेट्रोल पंप खोलने की इजाजत दे दी। ढील मिलते ही पेट्रोल पंप पर दो-पहिया वाहनों की भीड़ लगने लगी। डीसी ने एक वीडियो जारी कर संदेश दिया है कि सभी पेट्रोल पंप सिर्फ इमरजेंसी के दौरान चल रहे वाहनों के लिए खोले गए हैं। बिना जरूरत वाला पेट्रोल पंप पर ना जाये। डीसी के आदेशों की परवाह किए बिना ही शहर के बाबू जगजीवन राम चौक के पास पेट्रोल पंप पर दो-पहिया वाहन वाले जमा होने लगे। वहीं पंप मालिक भी लोगों के वाहनों में पेट्रोल भर के दे रहा था।

प्रशासन की ढील पड़ सकती है भारी

लुधियाना में बीते कुछ दिन से प्रशासन ने कुछ ज्यादा ही ढील दे दी है। इसका नतीजा है कि कर्फ्यू के चलते भी लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर घूमने लगे है। सुबह छह बजे से लेकर दस बजे तक सबसे ज्यादा लोग निकल रहे हैं। शहर के मेन चौराहों पर चेकिंग का जिम्मा पुलिस ने अब वालंटियर को सौंप दिया है, ऐसे में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। आम लोग कोरोना के खतरे से बेपरवाह होकर घर की लक्ष्मण रेखा को लांघ रहे हैं।

कर्फ्यू और लॉकडाउन के चलते आम लोग सबसे ज्यादा सब्जी मंडी का रुख कर रहे हैं। सोमवार को मेन सब्जी मंडी में हालात यह थे कि सुबह चार बजे से लोग वहां पहुंचना शुरू हो गए थे। हालांकि प्रशासन ने सुबह छह से नौ बजे तक सब्जी मंडी खुलने का समय रखा है। वहां पर हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और सुबह दस बजे तक जमकर खरीदारी करते दिखे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रखा गया। सुबह दस बजे पुलिस को एनाउंसमेंट और डंडा दिखाकर लोगों को वहां से खदेड़ना पड़ा।

वहीं सोमवार सुबह बैंक खुलने की खबर के बाद बैंकों के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंक खुलने से पहले ही लोग वहां जमा हो गए। मौके पर तैनात वालंटियर लोगों को एक मीटर की दूरी बनाकर खड़े होने के लिए कहते रहे लेकिन लोगों में हर चीज लेने में इतनी जल्दबाजी है कि वह किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं है।

फंड के इस्तेमाल पर भी उठने लगे हैं सवाल 
कोरोना कर्फ्यू के दौरान गरीब लोगों को भोजन के साथ अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए करोड़ों रुपये के फंड पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। लुधियाना में गरीब लोगों को हर रोज 20 हजार पैकेट मुहैया करवा रहे गुरदीप गोशा बताते हैं कि यह सारा खाना गुरुद्वारा साहिब, एसजीपीसी और अन्य लोगों की तरफ तैयार किया जा रहा है। जिला प्रशासन इस मामले में क्या कर रहा है, नहीं मालूम। समाजसेवी संस्थाओं की तरफ से प्रशासन को खाने पीने का सामान मुहैया करवाया जा रहा है, ऐसे में करोड़ों रुपये की ग्रांट कहां हैं।

पठानकोट: बैंकों के बाहर लाइनों ने नोटबंदी की याद दिलाई

सोमवार को 2 दिनों के लिए बैंक खुले तो सुबह से ही लोगों की कतारें लगनी शुरू हो गई, जिससे नोटबंदी के दिनों की याद ताजा हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के बाहर पुलिस टीमें दिखाई नहीं दी, जिसके चलते लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग और कर्फ्यू के आदेश की जमकर धज्जियां उड़ाईं। सुबह बैंक खुलते ही लोगों का जमावड़ा लग गया। 

इस बारे में जब लोगों से बात की गई तो उनका कहना था कि वह बैंक में से पैसे निकालने आए हैं। क्योंकि, उनके घरों में राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं के लिए पैसे नहीं है। वह पिछले 8 दिनों से अपने घरों में भूखे प्यासे गुजारा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि राज्य सरकार ने लेबर कार्ड धारकों के खातों में पैसा डाला है। वह भी लोगों तक मैसेज पहुंचे हैं और वह बैंक से अपना पैसा निकालने आए हैं।

बैंक प्रबंधनों की ओर से बाहर नोटिस लगाए गए थे कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का आना सख्त मना है। बावजूद इसके बच्चों और बुजुर्गों सहित बैंकों के बाहर लाइनों में लगे रहे। थाना सदर सब इंस्पेक्टर सुषमा ने कहा कि लोगों को कोरोना वायरस जैसी भयानक बीमारी के प्रति प्रशासन की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। उन्होंने कहा कि बैंकों के बाहर पंजाब पुलिस के कर्मचारी लगातार राउंड लगा कर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
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फरीदकोट में भी बैंकों के बाहर लगी लंबी कतारें  

फरीदकोट जिले के तमाम बैंक सोमवार को खुले तो लोगों की भारी भीड़ जुट गई। इस दौरान लोगों ने एक दूसरे से दूरी भी नहीं बनाकर रखी। इस पर बैंक प्रबंधकों को पुलिस का भी सहारा लेना पड़ा। सुबह से ही लोगों ने बैंक के बाहर जुटना शुरू कर दिया था। इन लोगों में ज्यादा बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं थीं, जो अपनी पेंशन लेने पहुंचे थे। फरीदकोट, कोटकपूरा व जैतो शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों के बाहर भी कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला। ऐसे माहौल की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों की लाइन बनवा कर कामकाज शुरू करवाया। 

मुक्तसर: बैंक खुलने की खुशी में नियम कानून भूले लोग
राज्य सरकार की ओर से कर्फ्यू के चलते कई दिनों बाद सोमवार को बैंक खुलते ही बेपरवाह लोग नियम कानून भूल गए। बैंक खुलने से पहले ही शहर के सभी बैंकों और एटीएम के आगे लंबी कतारें लगी नजर आने लगीं। लोग लाइनों में बिना दूरी बनाए एक-दूसरे के साथ सटे खड़े हुए दिखाई दे रहे थे। उन्हें कंट्रोल करने के लिए कोई पुलिस कर्मी भी नजर नहीं आया।

शहर के कोटकपूरा रोड, मलोट रोड, अनाज मंडी, जलालाबाद रोड समेत विभिन्न क्षेत्रों में बैंक व एटीएम खुले हुए थे। वहां बैंक टाइम तक लोगों की भारी भीड़ नजर आई। इन लोगों में ज्यादातर लोग पेंशनर ही थे जो अपनी पेंशन निकलवाने के लिए बैंकों तक पहुंचे। बैंकों में पेंशनरों की भीड़ लगी रही।
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