रिश्वत लेकर भी जब बाबा जरनैल दास पर कार्रवाई ना हुई तो बाबा गगन दास ने पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन व डीजीपी पंजाब से शिकायत कर दी। इस शिकायत पर पड़ताल के लिए डीआईजी फिरोजपुर की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद पिछले साल जून माह में थाना सदर कोटकपूरा में एसपी, डीएसपी और एसआई समेत बाकी दोनों प्राइवेट व्यक्तियों पर केस दर्ज किया गया और केस विजिलेंस को सौंप दिया गया। इस मामले में डीएसपी सुशील कुमार को विजिलेंस गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि एसआई ने विजिलेंस और महंत मलकीत दास ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
विवाद में घिरे है तत्कालीन आईजी प्रदीप कुमार यादव
20 लाख के रिश्वत प्रकरण में फरीदकोट के तत्कालीन आईजी प्रदीप कुमार यादव भी विवाद में घिरे हैं। चूंकि इस केस में नामजद महंत मलकीत दास को सरकारी गवाह बनाया जा चुका है जिन्होंने अदालत में दर्ज करवाए बयान में खुलासा किया था कि यह रिश्वत आईजी के नाम पर नहीं बल्कि उनकी सहमति से वसूली गई थी। इस बयान के आधार पर विजिलेंस आईजी पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।