मोबाइल से बरामद उस लिंक की भी जांच की जा रही है, जिसके माध्यम से सरूप सिंह ने वर्चुअली हैंड ग्रेनेड संभालने और चलाने की ट्रेनिंग ली थी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि महानगरों में धमाके करने के लिए और किन्हें जोड़ा जा रहा था। हालांकि मोबाइल फोन के लिंक को कितनी बार फारवर्ड किया जा चुका है, यह पता लगाना भी जरूरी है। इसके अलावा सरूप के अन्य आतंकियों, गैंगस्टरों व नशा तस्करों के साथ कहीं संबंध तो नहीं, यह भी खुफिया एजेंसियों पता लगाने में जुटी हैं।
जर्मनी से 60 हजार की राशि आई, वहां बैठा मास्टरमाइंड भी होगा नामजद
पूछताछ में सरूप सिंह जौहल ने बताया कि वेस्टर्न यूनियन के माध्यम से वह जर्मनी से 60 हजार आई राशि ले चुका है। यह राशि दो किस्तों में उस तक पहुंची। पूछताछ में गुरुवार को आरोपी ने मास्टरमाइंड का नाम भी उगल दिया, जो जर्मनी में बैठकर पंजाब का माहौल बिगाड़ने की योजना तैयार कर रहा है। जर्मनी में बैठे इस आतंकी को पुलिस एफआईआर में नामजद करेगी। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एलओसी जारी किया जाएगा।
एनआईए भी कर सकती है जौहल से पूछताछ
सूत्रों के अनुसार हैंड ग्रेनेड से पंजाब में बड़ी तबाही मचाने की साजिश का पर्दाफाश होने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले को अपने हाथ में लेने की तैयारी कर ली है। आतंकी सरूप सिंह जौहल का पुलिस रिमांड छह सितंबर को खत्म होने वाला है। इसके बाद एनआईए अपने तौर पर अलग एफआईआर दर्ज कर आरोपी को दोबारा रिमांड पर लिया लेगी।