लॉरेंस बिश्नोई ने अपने कबूलनामे में कहा कि उसके निशाने पर सिद्धू मूसेवाला का पूर्व मैनेजर शगुनप्रीत भी है। शगुनप्रीत पर लॉरेंस के करीबी विक्की मिड्डूखेड़ा के हत्यारोपियों को पनाह देने का आरोप है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी बराड़ ने दावा किया था कि उसने विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या का बदला लिया है। बिश्नोई ने एनआईए के सामने कबूल किया कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या के विकास सिंह ने गिरोह के गुर्गों को बाद में शरण दी।
अमेरिका से मंगवाई थी जिगाना पिस्तौल
लॉरेंस बिश्नोई ने कबूल किया है कि उसने वर्ष 2021 में कुख्यात गोगी गिरोह के लिए गोल्डी बराड़ के माध्यम से अमेरिका से दो जिगाना पिस्तौल खरीदी थीं। इंटेलिजेंस एजेंसियों को शक है कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या में इसी जिगाना पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया है जिसे लॉरेंस बिश्नोई ने मुहैया करवाई थी।
ये लोग भी हिट लिस्ट में शामिल
लॉरेंस की टारगेट लिस्ट में बंबीहा गैंग का प्रमुख सुखप्रीत सिंह, गैंगस्टर लक्की पटियाल, विक्की गौंडर गैंग का गुर्गे रम्मी मसाना, मनदीप धालीवाल, गैंगस्टर कौशल चौधरी, गैंगस्टर अमित डागर का नाम शामिल है। लॉरेंस ने बताया कि रम्मी मसाना से उसे अपने भाई अमनदीप की हत्या का बदला लेना है।