जनवरी 2020 से मार्च तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में तकरीबन 55 सड़क हादसे हुए थे जबकि इस वर्ष इन्हीं दिनों में आंकड़ा बढ़कर 80 के करीब पहुंच गया है। बढ़ते सड़क हादसों को देख यातायात पुलिस भी चौकस हो गई है और रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए तेज रफ्तार के नाके बढ़ा दिए हैं। यह नाका मध्यमार्ग, दक्षिण मार्ग समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगाया जा रहा है। यातायात अधिकारियों का मानना है कि रफ्तार को कम करने के मकसद से नाका लगाया जा रहा है।
जागरूकता और स्पीड बोर्ड की जरूरत
अराइव सेफ संस्था के संस्थापक हरमन सिंह सिद्धू का कहना है कि सड़क हादसे की बढ़ती वजह रफ्तार का कहर है। इसे रोकने के लिए यातायात पुलिस को ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करना चाहिए। साथ ही सेक्टरों में लगे स्पीड बोर्ड को बेहतर तरीके से सड़कों पर लगाना चाहिए ताकि चालकों को पता चल सके कि किन-किन सेक्टरों में वाहन चलाने की कितनी लिमिट है।
समय मौत
सुबह 6 से 9 2
सुबह 9 से 12 3
दोपहर 12 से 3 1
दोपहर 3 से 6 7
शाम 6 से 9 7
रात 9 से 12 5
रात 12 से 3 4
तड़के 3 से 6 1
वाहन मौत
पैदल 7
साइकिल 7
रेहड़ी 1
बाइक 12
चार पहिया 2
तीन पहिया 1
सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात पुलिस आए दिन वाहन चालकों को जागरूक करती रहती है। इसके अलावा वाहनों के रफ्तार को कम करने के लिए जगह-जगह नाका लगाया जा रहा है। जो गाड़िया तेज रफ्तार में होती हैं, उनके चालान काटे जा रहे हैं। -एसपीएस सोंधी, डीएसपी एडमिन यातायात पुलिस