आतंकी संगठन भिंडरांवाले टाइगर फोर्स ऑफ खालिस्तान के मोस्ट वांटेड आतंकवादी रतनदीप सिंह को शुक्रवार सफीदों कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे अदालत द्वारा उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रतनदीप को यूपी के गोरखपुर से पंजाब व दिल्ली पुलिस द्वारा 18 सितंबर 2014 को गिरफ्तार किया गया था। जिसे पंजाब की नाभा जेल से सफीदों पुलिस द्वारा प्रोडेक्शन वारंट पर अदालत में पेश किया गया।
रतनदीप सफीदों उपमंडल के ही गांव रोहढ़ का रहने वाला है। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में पिछले कई सालों के दौरान हुए आतंकी वारदातों से संबंधित मामलों में वांछित आतंकवादी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास से गिरफ्तार किया था। 1999 में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद हिरासत से फरार होने और मकान से हथियार एवं धमाका करने संबंधी सामग्री बरामद करने जैसे मामलों में सफीदों पुलिस को उसकी तलाश थी।
किले में तबदील सफीदों
रतनदीप को पंजाब पुलिस से गिरफ्त में लेने के लिए सफीदों पुलिस ने विशेष तैयारियां की हुई थी। पूरे कोर्ट परिसर को किले में तब्दील कर दिया गया था। सफीदों पुलिस ने कोर्ट में रत्नदीप के लिए 27 जनवरी को प्रोडेक्शन वारंट के लिए अपील की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने छह फरवरी का समय दिया था।
इन मामलों में होगी पूछताछ
सफीदों थाना प्रभारी भारेंद्र कुमार ने बताया कि सफीदों थाने में पुलिस द्वारा रत्नदीप पर चार मामले दर्ज किए गए हैं। जिसमें सबसे पहला मामला 11 मई 1996 को अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। मामले के बाद कोर्ट में पेशी नहीं होने पर भगोड़ा होने का भी मामला दर्ज है।
दूसरा मामला तीन जुलाई 1999 को गांव रोहढ़ में पुलिस पार्टी पर फायर करने के आरोप में दर्ज किया गया। तीसरा मामला नौ जुलाई 1999 में बम विस्फोटक सामग्री अवैध रूप से रखने के आरोप में दर्ज हुआ। चौथा मामला 22 जूलाई 1999 को अवैध रूप से हथियार व विस्फोटक सामग्री को रखने के आरोप में दर्ज हुआ।
ईनाम घोषित होने पर जर्मन चला गया रतनदीप
पुलिस द्वारा रतनदीप पर 2011 में ही दस लाख रुपये का ईनाम रखा गया था। रतनदीप के पिता जंगीर सिंह के अनुसार रतनदीप अपनी पत्नी बलजिंद्र कौर व अपनी बेटी जोवन को लेकर कनाडा चला गया। कनाडा में एक साल रहने के बाद जर्मनी चला गया। जंगीर सिंह ने बताया कि उसके रिश्तेदारों की खामियों की वजह से ही आज रतनदीप इस हालत में है। 1992-93 में उसे विदेश जाकर पैसा कमाने की चाह थी।
जिसको देखते हुए उसके रिश्तेदारों ने उसे थाईलैंड के रस्ते बैल्जियम भेजा था। वहीं से रतनदीप की संगत गलत हो गई। वहां से लगभग नौ महीने के बाद वह बाद पाकिस्तान पहुंच गया। जंगीर सिंह ने कहा कि उसकी पंजाब नाभा जेल में कई मुलाकात हुई है। परिजनों के अनुसार रतनदीप ने बताया है कि वह पाकिस्तान से अपनी पार्टी छोड़कर आ गया था। वह भारत की पुलिस को उनके बारे में बताने के लिए पुलिस में पेश होना चाहता था। पेशी के लिए वह यूपी के गोरखपुर पहुंचा तो उसे पंजाब और दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों से नहीं है कोई वास्ता
आरोप है कि रतनदीप ने पाकिस्तान में रहकर अपने देश के खिलाफ गतिविधियों को अंजाम दिया। बताया जाता है कि रतनदीप के परिजनों ने उसकी इस करतूत पर अपने सारे संबंध तोड़ रखे हैं। सफीदों थाना प्रभारी भारतेंद्र कुमार ने बताया कि सफीदों पुलिस द्वारा रतनदीप पर किए गए सभी मामलों में तलाश थी।
वह भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। 1999 के बाद से ही वह अपने क्षेत्र व प्रदेश से फरार था। अब उसे अपनी हिरासत में लेकर सफीदों कोर्ट में करने के बाद तीन दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान सभी मामलों में विस्तार से पूछताछ की जाएगी।