फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एचएसएससी फिर सुर्खियों में: जितेंद्र के फोन में मौजूद आयोग के कईं कर्मचारियों के नंबर, पुलिस भर्ती के 50 एडमिट कार्ड मिले

Fri, 29 Oct 2021 03:06 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि फर्जी नियुक्ति व साक्षात्कार पत्र जारी करने वाले जितेंद्र ने नौकरी दिलाने के लिए 13 लोगों को ठगा है। उसके पास हरियाणा पुलिस की फेक ईमेल आईडी मिली है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा और दिल्ली में नौकरी दिलाने का गिरोह चलाने का आरोप है नारायणगढ़ निवासी जितेंद्र परअमर उजाला ब्यूरोचंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। प्रदेश व दिल्ली में नौकरी दिलाने का गिरोह चला रहे नारायणगढ़ निवासी जितेंद्र के पास से पुलिस भर्ती के 50 एडमिट कार्ड मिले हैं। ये कार्ड आयोग के नाम पर बने हैं।

विज्ञापन


स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी के रिकॉर्ड में हरियाणा पुलिस की फेक ईमेल आईडी भी मिली है, जिसका वह नियुक्ति पत्र भेजने के लिए इस्तेमाल करता रहा है। उसके फोन में आयोग के अनेक कर्मचारियों के नंबर मौजूद हैं। पुलिस अब पूरे रिकॉर्ड के आधार पर इन कर्मियों के साथ जितेंद्र के कनेक्शन को खंगालेगी। जितेंद्र ने नौकरी दिलाने के नाम पर 13 लोगों को अब तक ठगा है।

उसके बैंक खाते के जरिये एक व्यक्ति के साथ 27 लाख रुपये का भी लेनदेन किया है। कुछ छह लोगों को फर्जी साक्षात्कार पत्र जारी किए। स्पीकर ने कहा कि गिरोह में शामिल किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जितेंद्र ने हरियाणा पुलिस की कांस्टेबल भर्ती में हिसार ज्वाइनिंग का एक नियुक्ति पत्र भी 21 अगस्त 2021 को जारी किया है। उसकी भी जांच कराई जाएगी। पुलिस को जितेंद्र के पास मिला पूरा रिकॉर्ड सौंप दिया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें : फर्जीवाड़ा: मंत्री का पीए बताकर नकली साक्षात्कार व नियुक्ति पत्र जारी करने वाला काबू, खुद का भर्ती कार्यालय खोल युवाओं से ठगे लाखों
  
दिल्ली पुलिस का भर्ती पत्र भी उसने जारी किया है। मोबाइल में उसकी कॉपी मौजूद है। उन्होंने बताया कि छह फर्जी साक्षात्कार पत्र देने के बदले पैसे लेने के दस्तावेज मिले हैं। कुछ अन्य लेनदेन का भी खुलासा हुआ है। सारी जानकारी चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दी गई है।

नीरज को जारी कर दिया था किसी ओर का रोल नंबर
पिंजौर निवासी नीरज को जो रोल नंबर जितेंद्र ने जारी किया, वह विधानसभा ने किसी और अभ्यर्थी को दिया था। जिससे फर्जीवाड़े का संदेह और गहरा गया। ऐसी भर्तियों के लिए भी उसने साक्षात्कार पत्र व रोल नंबर जारी कर दिए, जिनके लिए युवाओं ने आवेदन ही नहीं किया था।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें