सिद्धू मूसेवाला पर जिस तरह से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं हैं उसके लिए किसी ऑटोमैटिक असाल्ट राइफल की ही जरूरत होती है। इस जरूरत को रूस में बनी एएन-94 असाल्ट राइफल ने पूरा किया और मूसेवाला को अपनी जगह से हिलने का मौका तक नहीं दिया। यह हथियार कितना घातक है कि इसका अंदाजा मूसेवाला की थार गाड़ी की हालत को ही देखकर लगाया जा सकता है।
रूस के अलावा कुछ ही देश हैं जिनके पास एएन-94 असाल्ट राइफल है। वारदात में इसका इस्तेमाल होने के बाद केंद्रीय एजेंसियां जल्द ही पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश की जेलों में लॉरेंस बिश्नोई समेत पंजाब से उपजे अन्य गैंगस्टरों से पूछताछ करेगी।
क्यों खतरनाक है यह राइफल
एएन-94 असॉल्ट राइफल को एके-47 के विकल्प के तौर पर बनाया गया था। 1997 से लगातार इस राइफल का उपयोग रूसी सेना कर रही है। इसके अलावा यह हथियार कुछ ही देशों के पास है। यह हथियार इतना खतरनाक है कि बर्स्ट मोड में इससे 1800 गोलियां दागी जा सकती हैं। आटोमैटिक मोड में यह हर मिनट 600 राउंड गोलियां दागती है। गोलियों की गति 900 मीटर प्रति सेकेंड है।
पंजाब से होती है हथियारों की तस्करी
हाल ही में सेना द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान से सटी भारत की सीमा में सबसे ज्यादा हथियारों की सप्लाई पंजाब क्षेत्र से होती है। इसके बाद कश्मीर फिर जम्मू से। हथियारों और नशे की तस्करी के लिए पहले ड्रोन असेंबल किए जाते थे, अब चीन निर्मित ड्रोनों का इस्तेमाल होने लगा। सीमा से 10 किलो की भार क्षमता के साथ 23 किलो तक वजनदार ड्रोन पकड़े जा रहे हैं।