सीएमएस कंपनी की गाड़ी से कैश गायब होने के मामले में एक और नया मोड़ सामने आया है। गाड़ी चालक का शव सोमवार को फैदा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। प्राथमिक तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या मानकर चल रही है। मृतक की पहचान सेक्टर-47 निवासी सुरेंद्र पाल (44) के रूप में हुई है। वहीं सेक्टर-31 थाना पुलिस अब इस मामले में चालक के घरवालों से पूछताछ करेगी।
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कांसल गांव निवासी सीएमएस कंपनी के कैश कस्टोडियम भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि बीते शुक्रवार को लगभग साढ़े 10 बजे सेक्टर- 47 स्थित कंपनी के दफ्तर से वह कैश लेने के लिए गए थे। उनके साथ कंपनी का ही कर्मचारी मुनीश चावला भी था।
दफ्तर से उन्होंने कुल एक करोड़ 9 लाख रुपये निकाले। जिसमें 70 लाख रुपये का एक बैग था और 39 लाख रुपये का एक लोहे का ट्रंक था। ट्रंक को कंपनी ने पहले ही सील कर रखा था। दोनों कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी एवं चालक के साथ वैन नंबर एचआर 68ए 6693 से जाकर सबसे पहले सेक्टर-37 स्थित कोटेक एटीएम में नकदी भरी। उसके बाद सेक्टर-38 वेस्ट स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम में कैश डाला। वहां से गाड़ी लेकर चारों नयागांव में श्मशान घाट स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम पर पहुंचे।
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वहां मुनीश चावला ने देखा कि कैश वैन से 39 लाख रुपये से भरा लोहे का ट्रंक गायब है। घबराकर चारों ने कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी। कंपनी ने गाड़ी की लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज चेक की। जब अधिकारियों को कुछ हाथ न लगा तो सेक्टर-47 चौकी में प्राथमिकी दर्ज कराई।
सेक्टर-31 थाना पुलिस ने यह शिकायत नयागांव ट्रांसफर कर दी। पंजाब पुलिस की ओर से एतराज करने पर दोनों शहरों की पुलिस की एक बैठक हुई। जिसमें तय हुआ कि मामला सेक्टर-31 थाने में दर्ज की जाएगी। पंजाब पुलिस का तर्क था कि कैश वैन नयागांव में कुछ मीटर अंदर घुसी है और इस बीच कहीं रुकी भी नहीं है।