नाके पर चेकिंग के लिए खड़े सिपाही को एक कार चालक की ओर से रौंदने की कोशिश का एक और मामला चंडीगढ़ में सामने आया है। जान बचाने के लिए सिपाही बोनट पर चढ़ गया तो चालक उसे करीब एक किलोमीटर तक घुमाता रहा। इसके बाद कार मोड़ी तो सिपाही सड़क पर गिर गया। कार चालक बेखौफ मौके से फरार हो गया। घायल सिपाही पीजीआई में उपचाराधीन है। वहीं, सेक्टर-36 थाना पुलिस ने आरोपी कार चालक विकास उर्फ भानू को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बुधवार रात सेक्टर-36/37 लाइट प्वाइंट का है।
स्नैचरों को पकड़ने के लिए लगाया था नाका
इस बाबत नाका इंचार्ज सब इंस्पेक्टर विजय कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई है कि एंटी स्नैचिंग नाका लगा रखा था। एएसआई सतीश कुमार और सिपाही दीपक कुमार तैनात थे। रात करीब आठ बजे चंडीगढ़ नंबर की एक आल्टो कार रुकवाई गई। बाईं सीट पर बैठा शख्स मोबाइल सुनता हुआ मार्केट की तरफ चला गया। जबकि चालक ने अपना नाम अक्षय कुमार बताया। उससे गाड़ी के कागजात मांगे तो उसने कार भगा दी।
यह भी पढ़ें - पंजाब की नई सरकार में भी खटपट: अब डिप्टी सीएम ओपी सोनी की चाहतें बढ़ीं, मांगी मुख्यमंत्री के समान सुविधाएं
सिपाही चिल्लाता रहा बचाओ-बचाओ
करीब 25 कदम दूरी पर खड़े सिपाही दीपक ने रोकने की कोशिश की तो चालक ने उसे रौंदना चाहा। दीपक बोनट पर लटक गया। इसके बावजूद चालक कार को दौड़ाता रहा और सिपाही बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा। सेक्टर-36/37 लाइट प्वाइंट पर लाल बत्ती होने के कारण वह कार को विपरीत दिशा में ले गया और अचानक तेजी से मोड़ने पर सिपाही दीपक बोनट के नीचे गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इसके बाद चालक वहां से फरार हो गया।
अपना नाम गलत बताकर पुलिस को किया गुमराह
पुलिस ने नंबर के आधार पर मालिक अक्षय कुमार को पकड़कर जब पीड़ित से पहचान करवाई तो उसने पहचाने से इनकार कर दिया। पूछताछ से पता चला कि अक्षय ने अपनी कार विकास को दे रखी थी, जिसके बाद पुलिस विकास तक पहुंची और उसे गिरफ्तार किया। नाके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को आरोपी ने अपना गलत नाम बताकर गुमराह किया था। पुलिस आरोपी को आज जिला अदालत में पेश करेगी।