पदोन्नति पाकर बना था एएसआई
जानकारी के मुताबिक रशप्रीत सिंह को पंचकूला में गैंगस्टर्स से हुई एक मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी थी। उसकी बहादुरी को देखते हुए तब एएसआई पदोन्नत कर दिया गया था। हालांकि बाद में उसका नाम आपराधिक केस में आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
बोली थी- 23 नवंबर को भतीजे के जन्मदिन आऊंगी घर
मृतका के पिता अबोहर में मजदूरी करते हैं। वह चार बच्चों में सबसे छोटी थी। उसने कुछ समय पहले पंचकूला में एक निजी अस्पताल में ज्वाइन किया था। उसकी किसी के साथ दुश्मनी नहीं थी। उसकी मां ने बताया कि वारदात से एक दिन पहले 12 नवंबर को बेटी ने फोन करके कहा था कि 23 नवंबर को वह भतीजे के जन्मदिन घर आएगी लेकिन अब उसकी यादें ही रह गई हैं।
कारोबारी को लूटने की कोशिश करने के आरोप में बर्खास्त है रशप्रीत सिंह
दिसंबर, 2020 में सेक्टर-71 में रहने वाले जेटीपीएल कंपनी के वाइस प्रेजीडेंट नरेश खन्ना के घर में रशप्रीत सिंह और उसके एक अन्य साथी ने घुसकर उसको डराया-धमकाया था। रात करीब साढ़े 9 बजे दोनों घर में घुसे और नरेश खन्ना पर पिस्तौल तान दी थी। इसके बाद वे उसे एक कमरे में ले गए। वहां दरवाजा अंदर से बंद करके दोनों ने गहने और नकदी निकालने को कहा। जब नरेश खन्ना ने दोनों से सर्च वारंट और अपना पहचानपत्र दिखाने को कहा तो दोनों मारपीट करके फरार हो गए थे।