पंजाब के कोटकपूरा में चाचा के घर में 30 वर्षीय नौजवान ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान लुधियाना के जनता नगर निवासी विनय मनचंदा के रूप में हुई। मामले में थाना सिटी पुलिस ने मृतक के पिता लेखराज के बयान पर धोखाधड़ी करने वाले राम नगर कालोनी (अमृतसर) निवासी ईशान अरोड़ा के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।
लेखराज ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का रिश्ता अप्रैल 2021 में अमृतसर निवासी ईशान अरोड़ा के साथ किया था और 10-15 दिनों में विवाह पंजीकरण करवाने के लिए लुधियाना में फेरे करवा कर पुजारी से प्रमाण पत्र ले लिया था। इस समारोह में ईशान के माता-पिता व अन्य परिवारिक सदस्य भी शामिल हुए थे। इसके बावजूद ईशान अरोड़ा व उसके माता-पिता, उनकी बेटी को अपने साथ नहीं लेकर गए थे। इस दौरान दोनों परिवारों का आना जाना होता रहा और उनकी बेटी के विवाह का अमृतसर के सुविधा सेंटर से पंजीकरण भी करवाया गया।
इस दौरान ईशान अरोड़ा का अमृतसर का वीजा रिफ्यूज हो गया लेकिन इसके बारे में ईशान या उसके परिवार ने कोई जानकारी नहीं दी और हमारे परिवार से यूके का वीजा लगवाने के लिए फंड दिखाने के लिए 10 लाख की डिमांड रखी। लेखराज के अनुसार उन्होंने परिवारिक रिश्तेदारों से पैसे एकत्रित किए जिसे ईशान ने उनकी बेटी के नाम पर पंजाब एंड सिंध बैंक अमृतसर के खाते में 10 लाख रूपये जमा करवाए और बाद में इस रकम को ईशान अरोड़ा व उनके परिवार ने अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया।
इसके बावजूद ईशान अरोड़ा व उसका परिवार ना तो उनकी बेटी को ससुराल लेकर गया और ना ही उसका वीजा लगवाया बल्कि टाल मटोल करते आ रहे है। इस मामले में लुधियाना पुलिस को शिकायत भी दी लेकिन पुलिस ने इसे परिवारिक विवाद बताकर शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
परिवार के साथ हुई धोखाधड़ी से उनका बेटा विनय मनचंदा परेशान रहता था। कुछ दिन पहले 22 नवंबर को वह कोटकपूरा में अपने चाचा हरीष कुमार के पास आया था, जहां उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें उसने अपने मौत के लिए परिवार के साथ धोखाधड़ी करने वाले ईशान अरोड़ा को जिम्मेदार ठहराया है। जांच अधिकारी एएसआई चमकौर सिंह ने बताया कि पुलिस ने लेखराज के बयान पर ईशान अरोड़ा के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।