डीएसपी बोले- घटना बेहद गंभीर
डीएसपी फिल्लौर जगदीश अत्री का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। पुलिस कार्रवाई में जुटी है। आजकल मामूली बातों पर बच्चे इस कदर उत्तेजित हो जाते हैं कि हिंसा पर उतर आते हैं। यह बेहद चिंताजनक है। परिजनों को अपने बच्चों के व्यवहार पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
मां बेहाल बोलीं- बेटा कहता था पढ़कर डीसी बनूंगा, सपनों को नजर लग गई
इकलौते बेटे की मौत से मां आशा रानी सदमे में है। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। उनके होठों पर यही पुकार है कि बेटा पढ़ लिखकर डीसी बनने का सपना देखता था। वह मेहनत से दिन रात पढ़ाई में डूबा रहता था। कहता था कि इस बार 10वीं में टॉप करूंगा। मुझे क्या पता था कि हम छोटे गांव वालों के बड़े सपनों को बुरी नजर लग जाती है जो सब कुछ छीन लेती है। छोटी सी बात पर माफी मांग लेने वाला मेरा बेटा किसी से बेंच पर बैठने के लिए झगड़ा नहीं कर सकता। बात कोई और है। भगवान किसी को ऐसी परिस्थितियां ना दिखाए कि दुख में आंसू पोंछने वाला घर का चिराग ही ना रहे।
फिल्म और वेब सीरीज बच्चों पर डाल रहीं गलत प्रभाव
स्टेट अवॉर्डी सेवानिवृत्त अध्यापक कुलविंदर सिंह गाखल का कहना है कि बच्चों का दिमाग काफी संवेदनशील होता है। फिल्में और सीरियल किलर वेब सीरीज उन पर गलत प्रभाव डाल रही हैं। वह आपस में झगड़ते हैं और आपा खो बैठते हैं। स्कूल में शिक्षकों और घर में परिजनों को उनके व्यवहार पर पैनी नजर रखनी चाहिए। स्कूल में होने वाली पैरेंट्स मीटिंग में इस पर चर्चा करनी चाहिए। आजकल हर बच्चे के पास मोबाइल है। वह इस पर किस तरह का कंटेंट देख रहा है, इसकी निगरानी कोई नहीं रखता। यह अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह बच्चे की निगरानी करें।