पटियाला में सिद्धू का विरोध करते किसान।
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जा रहे नवजोत सिंह सिद्धू को गुरुवार को पटियाला के नजदीक गांव धरेड़ी जट्टां के पास टोल प्लाजा पर किसानों व महिलाओं ने घेर लिया। इस दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी की और नवजोत सिंह सिद्धू को काले झंडे दिखाए। किसान महिलाओं ने सिद्धू की गाड़ी के आगे खड़े होकर उन्हें खूब खरी-खरी सुनाईं।
करीब पौना घंटा किसानों के विरोध के बाद पुलिस सुरक्षा घेरे में सिद्धू चंडीगढ़ रवाना हुए। गुरुवार सुबह लखीमपुर खीरी जाने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला स्थित अपने आवास से चंडीगढ़ रवाना हुए। जैसे ही उनका काफिला पटियाला के नजदीक गांव धरेड़ी जट्टां के नजदीक टोल प्लाजा पर पहुंचा तो किसान नेता बलकार सिंह ढींढसा, सुरिंदर मोहन और इंद्रमोहन की अगुवाई में किसानों व महिलाओं ने सिद्धू को घेरा और काले झंडे दिखा जमकर नारेबाजी की।
महिलाओं ने तो सिद्धू को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने सिद्धू से सवाल किया कि पिछले साढे़ चार साल कहां थे। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना का विरोध पंजाब कांग्रेस केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रही है, जबकि पंजाब में किसानों की हालत खराब है।
किसान नेता रणजीत सिंह सवाजपुर ने कहा कि पंजाब सरकार ने वादा किया था कि किसानों का सारा कर्ज माफ किया जाएगा लेकिन पिछले कुछ दिनों से सहकारी समितियों की ओर से किसानों को समन भेजे जा रहे हैं, जिसमें कर्ज न उतारने की सूरत में केस दर्ज कराने की बात कही जा रही है। इस कारण किसान काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याएं सुनकर सिद्धू ने जल्द हल का वादा किया। उनके साथ घन्नौर से कांग्रेस विधायक मदन लाल जलालपुर भी मौजूद रहे।