पंजाब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं। शुक्रवार को चंडीगढ़ में पार्टी के नए प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की ताजपोशी पर सिद्धू ने एक बार फिर बगावती तेवर दिखाए। वहीं इस बार वे पंजाब के सीएम भगवंत मान पर नरम दिखे।
चंडीगढ़ में वड़िंग के पदभार संभाल समारोह में पहुंचे सिद्धू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपना छोटा भाई और ईमानदार व्यक्ति बताया। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में माफिया राज के कारण पार्टी चुनाव हार गई और अब उसे खुद को फिर से बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर भगवंत मान माफिया के खिलाफ लड़ते हैं तो वह मान का समर्थन करेंगे। मान एक ईमानदार व्यक्ति हैं।
पंजाब चुनाव के बाद प्रधान पद से इस्तीफा देने वाले सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस को खुद को फिर से बनाना होगा। मैं आज कहता हूं कि कांग्रेस पांच साल के माफिया राज के कारण हार गई। सिद्धू ने कहा कि उन्होंने हमेशा माफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। सिद्धू ने पहले भी रेत-खनन, परिवहन और केबल टीवी क्षेत्रों में कथित माफियाओं को लेकर राज्य में अपनी ही कांग्रेस सरकार की आलोचना की थी।
सिद्धू ने कहा कि मेरी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था के खिलाफ है और कुछ लोगों के खिलाफ है जो राज्य में दीमक की तरह खा रहे हैं। नवजोत ने कहा कि उनकी लड़ाई पंजाब के अस्तित्व के लिए है न कि किसी पद के लिए। जब तक राजनीति एक धंधा रहेगा, तब तक इसका सम्मान नहीं किया जाएगा। जब पंजाब माफिया मुक्त होगा तो राज्य का उत्थान होगा।
सिद्धू ने कहा कि उन्होंने कभी भगवंत मान पर उंगली नहीं उठाई। अगर वह माफिया के खिलाफ लड़ते हैं तो मेरा समर्थन उनके साथ है, यहां तक कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर भी उनका साथ दूंगा क्योंकि यह पंजाब के अस्तित्व की लड़ाई है। बाद में एक ट्वीट में सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता में वापस आने के लिए फिर से आविष्कार करना होगा। हम इस महान राज्य के लिए अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं, यहां या तो माफिया हैं या ईमानदार लोग।