पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी हाईकमान के बीच जंग तेज होती जा रही है। गुरुवार को कैप्टन ने पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के बयान पर जवाबी हमला किया और पूछा कि क्या कांग्रेस जैसी भव्य और पुरानी पार्टी में निरादर और अपमान के लिए जगह है।
सुप्रिया ने बुधवार को कैप्टन के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीति में गुस्से की जगह नहीं है। ईर्ष्या और बदले की भावना नहीं रखनी चाहिए। सुप्रिया के इस बयान से खफा कैप्टन ने गुरुवार को ट्वीट किया, ‘हां, राजनीति में गुस्से की कोई जगह नहीं है लेकिन क्या कांग्रेस जैसी भव्य पार्टी में निरादर और अपमान की जगह है। अगर मेरे जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है तो मुझे आश्चर्य है कि कार्यकर्ताओं के साथ कैसा बर्ताव होता होगा।
कैप्टन के मूड से साफ है कि वे आर-पार के मूड में हैं और पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहेंगे। 2022 के चुनाव में सिद्धू को पटखनी देने में जुटे कैप्टन अब कुछ भी कर गुजरने के मूड में हैं। मालूम हो कि बुधवार को कैप्टन ने कड़े तेवर दिखाते हुए नवजोत सिद्धू को अगले चुनाव में मुख्यमंत्री नहीं बनने देने का एलान किया था। साथ ही उन्होंने राहुल और प्रियंका को अनुभवहीन बताते हुए सलाहकारों के कारण गलत फैसले लेने का आरोप लगाया था। इस तरह कैप्टन ने एक तरफ तो पंजाब कांग्रेस को और दूसरी तरफ गांधी परिवार पर निशाना साधकर हाईकमान को नाराज कर दिया।
सुप्रिया का सधा हुआ बयान
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बुजुर्गों को गुस्सा आता है और कई बार गुस्से और क्रोध में बहुत सारी बातें कह देते हैं। मुझे लगता है उनके गुस्से का, उनकी उम्र का, उनके तजुर्बे का सम्मान करना चाहिए। वो जरूर इस पर पुनर्विचार करेंगे। राजनीति में गुस्सा, ईर्ष्या-द्वेष, व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी और बदला लेने की भावना की जगह नहीं है। वे कांग्रेस पार्टी के मजबूत योद्धा रहे हैं। पार्टी ने उन्हें 9 साल 9 महीने मुख्यमंत्री बनाया है। उनको राजिंदर कौर भट्टल जी की जगह मुख्यमंत्री बनाया गया था। हम उनसे छोटे होने के कारण इसे उनका क्षणिक गुस्सा मानकर भूलने का प्रयास जरूर करेंगे। कर रहे हैं।