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सेहत पर भारी महंगाई: कच्चे माल की कीमतें बढ़ीं, दवा के दामों में आया 25 प्रतिशत तक का उछाल

Thu, 23 Sep 2021 03:10 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ 

सार

मेडिकल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि चीन से कच्चे माल की आपूर्ति बंद होने का असर दवाइयों की कीमतों पर पड़ा है। महंगाई का असर दवाइयों के साथ ही मेडिकल उपकरणों और निजी अस्पतालों के पैकेज पर भी पड़ा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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कोरोना काल में खाद्य पदार्थों के बाद अब दवाइयों की महंगाई लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। कच्चा माल महंगा होने से दवा की कीमतों में लगातार उछाल दर्ज किया जा रहा है। लीवर, शुगर, न्यूरो, यूरो, हृदय और बीपी की दवाइयां 2020 के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत तक महंगी हो गई हैं और इनमें तेजी जारी है।

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मेडिकल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि चीन से कच्चे माल की आपूर्ति बंद होने का असर दवाइयों की कीमतों पर पड़ा है। महंगाई का असर दवाइयों के साथ ही मेडिकल उपकरणों और निजी अस्पतालों के पैकेज पर भी पड़ा है। निजी अस्पताल संचालकों ने अब इलाज का शुल्क बढ़ा दिया है। 


इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए)  के सचिव डॉ. नितिन का कहना है कि महामारी में सैनिटाइजेशन, पीपीई किट, आरटीपीसीआर टेस्ट और इससे जुड़े अन्य उपकरणों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से इस पर छूट मिलती तो स्थिति कुछ और होती। वहीं, चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव विनय कुमार जैन का कहना है कि दवा बनाने के लिए प्रयोग होने वाला कच्चा माल अब महंगा हो गया है। पहले चीन से सस्ता माल मिलता था, लेकिन वहां से आपूर्ति बंद होने के बाद यूरोप से महंगा माल लेना पड़ रहा है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम, पैकिंग शुल्क और मेहनताना भी तेजी से बढ़ा है। इससे दवाइयों के दामों में उछाल आया है।

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इन दवाइयों के दाम में आया भारी उछाल

दवा                     2020 के दाम        वर्तमान दाम
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जोराइलएम -1        158 रुपये          172 रुपये 
ग्लाइकोमेटजीपी-1     72.06 रुपये         106 रुपये 
एडियूलिक्स एचएम     110 रुपये         121 रुपये 
डेपलट                   68.15 रुपये         74.85 रुपये 
लोसार ए                  188.29 रुपये     206.70 रुपये 
यूरीमैक्स-डी         434.50 रुपये     525.74 रुपये 
नाइट्रोलांग-1.6     151.73 रुपये     183.59 रुपये 
मॉडलिक-20         215.35 रुपये     222.45 रुपये 
आटोकोर सीवी-10     147 रुपये          161 रुपये 
लिव-52                     100 रुपये         120 रुपये 
यूआरकॉल-300         394.50 रुपये     433 रुपये 
प्रैक्सए-75               225.75 रुपये     259.65 रुपये 
रैंडोज-500            137.75 रुपये     151.35 रुपये 

नोट- इनमें लीवर, शुगर, न्यूरो, यूरो, हृदय और बीपी की दवाइयां शामिल हैं।

मेडिकल उपकरण भी महंगे
उपकरण                2020 में दाम               वर्तमान दाम

डिजिटल थर्मामीटर     75 रुपये                     150 रुपये 
बीपी मॉनिटर         1200 से 1250 रुपये     1600 से 1700 रुपये
पल्स ऑक्सीमीटर     350 रुपये                     450 रुपये 

महामारी के दौरान हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ी है। सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आर्थिक राहत पैकेज जारी करना चाहिए था ताकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में महंगाई का असर अपेक्षाकृत कम हो सके, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इससे दवाओं के साथ ही इलाज से जुड़े सभी उत्पाद महंगे हो गए। -डॉ. आरएस बेदी, सलाहकार, वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन

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