मौसम में बदलाव के चलते संक्रमण की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। गले में दर्द और वायरल बुखार के कारण अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके साथ डेंगू और कोरोना का खतरा भी बढ़ने लगा है। शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या एक हजार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खान-पान के साथ रहन-सहन में सावधानी बरतने की जरूरत है। इस समय पोषकतत्व युक्त आहार लें और सफाई रखें।
वर्ल्ड हेल्थ एसोसिएशन के सलाहकार डॉ. आरएस बेदी का कहना है कि बुखार व शरीर दर्द की दवा का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह सीधे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता घटाती है। संक्रमण से बचाव के लिए घर में उचित वेंटिलेशन का ध्यान रखें। दरवाजे व खिड़कियों को खोल कर रखें। आमतौर पर यह माना जाता है कि जहां पर उचित वेंटिलेशन नहीं होता है वहां पर यह संक्रमण तेजी से फैलता है।
आयुर्वेदाचार्य डॉ. राजीव कपिला ने बताया कि सर्दी के मौसम में अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काली मिर्च, पिपली, अदरक, लहसुन व दाल चीनी का सेवन करें। मौसमी फल ज्यादा लें। गुनगुना पानी पीएं। हल्दी के दूध का सेवन हफ्ते में कम से कम दो से तीन दिन जरूर करें। शरीर पर तिल या सरसों के तेल की मालिश करें।
बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इससे बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन करें। खान-पान व रहन-सहन के लिए सजग रहें, ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे। -डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य।
त्योहार पर खान-पान में बरतें सावधानी
दिवाली पर खान-पान में भी बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। एक दिन की लापरवाही आगे कई दिनों तक परेशान कर सकती है। जीएमएसएच-16 की आहार विशेषज्ञ मनीषा अरोड़ा का कहना है कि दिवाली के दिन मिठाई, चॉकलेट और पकवान की अधिकता सेहत पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में आपको त्योहार के समय में भी अपने खान-पान पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। कोल्ड ड्रिंक के बजाय जूस लें। त्योहार में एक साथ भर पेट न खाएं, बल्कि थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल में खाते रहें। दिवाली के त्योहार पर तरोताजा रहने के लिए सुबह खाली पेट नींबू पानी लें, इससे आपके शरीर में विषैले तत्व भी आसानी से निकल जाएंगे। आप खाने में सलाद और फल लें। इससे आपकी डायट भी बैलेंस रहेगी और आपकी सेहत भी नहीं बिगड़ेगी।