हरियाणा बिजली विभाग के निठल्ले व भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी व कर्मचारी सरकार के राडार पर हैं। 150 बिजली अफसरों, कर्मचारियों को गंभीर आरोपों के चलते चार्जशीट किया गया है। इन पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। आरोपों का जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
उत्तर संतोषजनक न पाए जाने पर पहले निलंबित किया जाएगा और आरोप सिद्घ होने पर सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विशेष मुहिम के तहत लगभग 150 से ज्यादा कनिष्ठ अभियंता, कार्यकारी अभियंता, अधीक्षक अभियंता, लाइनमैन, सहायक लाइनमैन, कंप्यूटर ऑपरेटर और शिफ्ट अटेंडेंट को पूरे प्रदेश में चार्जशीट किया गया है। इनकी चार्जशीट का अध्ययन किया जा रहा है।
निलंबन के बाद उनकी सेवाएं भी समाप्त की जा सकती हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर, रेवाड़ी, धारुहेड़ा, सोनीपत, पानीपत इत्यादि जिलों में ऐसे अफसरों, कर्मचारियों की संख्या अधिक है। गोहाना में एक एसडीओ बिजली चोरी में रंगे हाथों पकड़ा गया है। बिजली चोरी पर कनेक्शन कटने के बाद उसने उपभोक्ता को नया कनेक्शन जारी कर दिया था, जबकि वह ऐसा नहीं कर सकता था।
उन्होंने कहा कि विभाग शीघ्र ही एक अनूठी पहल करने जा रहा है। सभी श्रेणियों के कर्मचारियों से विभाग में और सुधार करने के लिये हर महीने लिखित सुझाव लिए जाएंगे। अच्छे सुझावों का वह स्वयं चयन करेंगे। अच्छे सुझावों वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को पदोन्नति सहित अनेक प्रकार के प्रोत्साहन दिए जाएंगे। उन्होंने प्रदेश के बिजली निगमों के मुनाफे में आने का श्रेय मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया।
फेज-1, 2 में हरियाणा को मिलेगी प्राथमिकता
बिजली मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को बिजली आधारभूत संरचना सुधार के लिए फेज-1 में 3 लाख करोड़ रुपये व फेज-2 के लिए 97 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज जारी किया है। फेज-1 में बिजली सब-स्टेशनों का सुधार किया जाएगा, जबकि फेज-2 में अन्य आधारभूत संरचना विकसित की जाएंगी। केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह से उनकी बात हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि हरियाणा को दोनों फेज की राशि प्राथमिकता आधार पर देंगे।