साल 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में हरियाणा के तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास को जलाने के मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने 52 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। आरोपियों पर दंगा, डकैती, हत्या का प्रयास व आपराधिक साजिश के तहत मामला चलेगा। अब इस मामले का ट्रायल 20 मई से शुरू होगा।
आरोपियों में मुख्य रूप से मनोज दूहन, अशोक बल्हारा, राजेश कुमार, सुदीप कलकल, धमेंद्र, योगेश राठी, संदीप, अरविंद सिंह गिल, सत्यवान कादियान, गौरव बधवार, पवन जसिया उर्फ पूना, सोमवीर जैसा, सुमित, मोहित, कुलबीर फोगाट, हरी ओम, नसीब, जसबीर ढोला, प्रदीप लाला, विजयदीप, गौरव हुड्डा, सचिन दहिया, सुमित उर्फ हनी, नसीब समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।
आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने देशद्रोह की धारा भी लगाई थी। मगर बाद में जांच एजेंसी ने आरोपियों से देशद्रोह की धारा हटा दी थी। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक कैप्टन अभिमन्यु के घर पर हमला करने के लिए आरोपियों ने भीड़ को उकसाया। आरोपी सुदीप कलकल व मनोज दूहन ने गैर-जाटों की ओर से जाटों पर हमले की अफवाह फैलाकर आंदोलनकारियों को भड़काया। यह हमला पूरी तरह से पूर्व नियोजित था और अभिमन्यु को सबक सिखाने के लिए किया गया था।