चंडीगढ़। शहर की सड़कों पर वॉल्वो-आयशर की इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती दिखाई देंगी। यूटी प्रशासन के परिवहन विभाग ने 40 इलेक्ट्रिक बसों के लिए वोल्वो-आयशर से करार किया है। सभी बसें जुलाई के अंत तक पहुंच जाएंगी। वर्तमान में जो ई-बसें चल रही हैं, वो अशोक लेलैंड की हैं।
परिवहन विभाग ने वॉल्वो-आयशर को 44.99 रुपये प्रति किलोमीटर के दाम पर बसें चलाने का काम दिया है जबकि अशोक लेलैंड 60 रुपये प्रति किलोमीटर के दाम पर अभी शहर में बसें चला रहा है। इस तरह अब इलेक्ट्रिक बसें पिछली बार के मुकाबले 15 रुपये प्रति किलोमीटर सस्ती चलेंगी। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन ने बताया कि उन्होंने 40 इलेक्ट्रिक बसों के लिए कंपनी तय कर ली है और पहले से सस्ते दाम पर ये काम अलॉट किया गया है। उन्होंने कहा कि जुलाई तक कंपनी सभी बसों की डिलीवरी कर देगी। करार के अनुसार 90 दिन के अंदर कंपनी प्रोटोटाइप बस विभाग को दिखाएगी। इसके बाद छह महीने के अंदर बसों की डिलीवरी शुरू होगी। फाइनल कंपनी द्वारा बस चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किया जाएगा। वर्ष 2021 में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी फेम इंडिया स्कीम फेस-दो के तहत उन शहरों के नामों की घोषणा की थी, जिन्हें केंद्र सरकार की तरफ से ई-बसें दी जानी है। इसमें चंडीगढ़ का भी नाम था। प्रशासन को केंद्र से इन बसों को किराया पर लेने के लिए सब्सिडी मिलनी है। यही कारण है कि नीति आयोग के मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट की पालना की गई है, जिसे रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के साथ भी लगाया गया था। बता दें कि प्रशासन ने कुल 80 इलेक्ट्रिक बसें चलानी हैं, जबकि पिछली टेंडर में विभाग को सभी 40 बसों की डिलीवरी मिल चुकी है। सेक्टर-25 के डिपो नंबर-3 में चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है।
वॉल्वो-आयशर की बस में क्या सुविधा
36 लोगों की बैठने की जगह होगी
एक समय में अधिकतम 54 लोग सफर कर सकेंगे
एक बार चार्ज होने के बाद बस करीब 140 किलोमीटर चलेगी
इस बस में आग का पता लगाने और अलार्म सिस्टम (एफडीएसएस) भी लगेगा
प्रशासन द्वारा तय नियमों के तहत प्रत्येक बस चलने की क्षमता न्यूनतम वार्षिक 64,195 होगी