एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने नाम न बताने के शर्त पर बताया कि साप्ताहिक अवकाश मिलने से उन्हें राहत मिली है। लेकिन ट्रैफिक समेत थानों में तैनात ज्यादातर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी ओवरटाइम होती है और कभी-कभी तो 12 से 14 घंटो तक ड्यूटी करनी पड़ जाती है।
इससे पुलिसकर्मी परेशान हो जाते हैं। पीसीआर समेत अन्य कई विंग में ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई जाती है। इससे कई पुलिसकर्मियों को आसानी से छुट्टी मिल जाती है, जबकि कई पुलिसकर्मी छुट्टियां के लिए मिन्नतें करते हैं। बताया गया कि त्योहारी सीजन समेत अन्य किसी जरूरी कारणों की वजह से पुलिसकर्मियों का साप्ताहिक अवकाश को रद्द किया जा सकता है।
... तो इस वजह से देना पड़ा अवकाश
यूटी पुलिस के कर्मचारी जगजीत सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट मे एक याचिका दायर कर सभी पुलिस स्टेशन व पुलिस चौकी में कार्यरत पुलिसकर्मियों के काम के आठ घंटे तय करना व साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि व्यवस्था ऐसी है कि एक पुलिस वाले को दिन में 12 से 16 घंटे ड्यूटी पर रहना पड़ता है। ऐसे में उनकी सेहत और कार्यप्रणाली पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हालांकि कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ पुलिस विभाग को नोटिस जारी किया और पूछा कि क्यों न सभी पुलिस थानों में आठ घंटे की छुट्टी और साप्ताहिक अवकाश शुरू किया जाए। सूत्रों के अनुसार विभाग ने न्यायालय को जवाब देने के लिए ट्रायल शुरू किया है।
मानसिक परेशानी के चलते कई पुलिसकर्मी ने गंवाई जान
यूटी पुलिस के एक कर्मी की आरटीआई के अनुसार वर्ष 2010 जनवरी से लेकर अगस्त 2019 तक अलग अलग कारणों से करीब 209 पुलिसकर्मियों ने जान गंवाई है। इसमें 15 पुलिसकर्मियों के आत्महत्या करने के अलावा 16 से ज्यादा पुलिसवालों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई है। अगस्त से अब तक करीब छह पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है। सूत्र बताते हैं कि ज्यादातर पुलिसकर्मियों की मौत ड्यूटी की वजह से मानसिक परेशानी के चलते हुई है। हैरानी की बात है कि इसके बावजूद विभाग साप्ताहिक अवकाश देने का फैसला इतनी देरी में क्यों उठाया है।
साप्ताहिक अवकाश का ट्रायल शुरू किया गया है। सभी कर्मचारियों का अवकाश का दिन निर्धारित किया गया है। छुट्टी के एक दिन पहले इन्हें रिमाइंडर भी भेजा जाता है। प्रयोग सफल हुआ तो दिसंबर में इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। - मनोज कुमार मीणा, एसएसपी, यातायात और सुरक्षा।