अब हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के मकानों में भी पीजी खोल सकेंगे। सेक्टर-32डी पीजी हत्याकांड के बाद सीएचबी ने अब अपने मकानों के लिए पीजी पॉलिसी बनाई है। इस ड्राफ्ट पॉलिसी को 6 अगस्त को सीएचबी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में रखा जाएगा। बैठक में मंजूरी मिलने के बाद इस ड्राफ्ट पॉलिसी की प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को प्रेजेंटेशन दी जाएगी।
बदनौर से इजाजत मिलने के बाद इस पॉलिसी को नोटिफाई कर दिया जाएगा। ड्राफ्ट पॉलिसी में कहा गया है कि 22 फरवरी 2020 को सेक्टर-32डी के एक पीजी में संख्या से ज्यादा लड़कियां रह रही थीं। आग लगने की वजह से तीन लड़कियों की मौत हो गई। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने फैसला लिया है कि वह अपने मकानों में भी आधिकारिक पीजी को मंजूरी देंगे, ताकि गैरकानूनी तरीके से चल रहे पीजी बंद हो सके।
हाउसिंग बोर्ड ने ड्राफ्ट पॉलिसी में लिखा है कि वर्तमान में अभी हाउसिंग बोर्ड की तरफ से अलॉट किए गए मकानों में पीजी खोलने की अनुमति नहीं है। इस पॉलिसी साढ़े 7 मरला व इससे ज्यादा के स्वतंत्र मकानों में ही पीजी खोलने की अनुमति दी गई है। पीजी के लिए कई नियम व शर्तें तय की गई हैं।
मकान मालिक का घर में रहना अनिवार्य, बनाना होगा रजिस्टर
पीजी पॉलिसी के अनुसार मकान मालिक का उस घर में रहना अनिवार्य होगा। साफ-सफाई का जिम्मेदार भी वही होगा। इसके अलावा एक गेस्ट के लिए कम से कम 50 स्क्वायर फीट एरिया अनिवार्य होगा। मकान मालिक को एक रजिस्टर बनाना होगा। इसमें पेइंग गेस्ट की जानकारी रखनी होगी और वह जानकारी पुलिस के साथ भी साझा करनी होगी।
साढ़े 7 मरला व इससे कम के एरिया वाले मकानों में पीजी खोलना गैरकानूनी होगा। पीजी की अनुमति सिर्फ उन्हीं मकानों में दी जाएगी जो बिल्डिंग बायलॉज का पालन करते हो और वहां पर अवैध निर्माण नहीं हुआ होगा। इसके अलावा पीजी में काम करने वाले कर्मचारियों की भी पुलिस से वेरिफिकेशन जरूरी है।
हर साल रिन्यू कराना होगा लाइसेंस
हाउसिंग बोर्ड के मकानों में पीजी शुरू करने वाले व्यक्ति को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सेक्रेटरी के ऑफिस में खुद को रजिस्टर कराना होगा। इसके लिए उन्हें रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा ताकि हाउसिंग बोर्ड प्रशासन को पीजी मालिक की जानकारी दे सके। पेइंग गेस्ट अपनी गाड़ी को मकान के अंदर ही पार्क करेगा।
चीफ फायर ऑफिसर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा हर साल पेइंग गेस्ट के लाइसेंस को रिन्यू कराना होगा। चंडीगढ़ प्रशासन व हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी पेइंग गेस्ट की जांच कर सकेंगे।