पहले था विवाद
इससे पहले चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का नाम बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। पंजाब सरकार ने 2017 में मांग की थी कि हवाई अड्डे का नाम शहीद-ए-आजम सरदार शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मोहाली रखा जाना चाहिए। हरियाणा सरकार को भगत सिंह के नाम के इस्तेमाल पर कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन उसने मोहाली के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई थी।
चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड पंजाब और हरियाणा की सरकारों के सहयोग से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निगमित एक संयुक्त उद्यम कंपनी है। हवाईअड्डा का रनवे चंडीगढ़ में स्थित है, जबकि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल मोहाली के झिउरहेड़ी गांव में पड़ता है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल और रनवे ऑपरेशन आईएएफ के पास है।
पंजाब सरकार ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक पत्र भी भेजा था, जिसमें कहा गया था कि भगत सिंह की जयंती 28 सितंबर को है और इससे पहले हवाई अड्डे का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखा जा सकता है। मुझे खुशी है कि हमारे प्रयास रंग लाए और प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब।
हरियाणा सीएम ने जताया पीएम मोदी का आभार
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने की घोषणा करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने की बात कही है।
देशभर में मनाए जा रहे आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री की यह घोषणा शहीद-ए-आजम भगत सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह का जन्मदिवस भी है और उनके जन्मदिवस से पहले उनके नाम पर चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम रखा जाना गर्व की बात है। युवा पीढ़ी को भी शहीद भगत सिंह के बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।