चंडीगढ़ में प्रशासन अब शराब और बिजली के बिल पर सेस लगाने के बाद पेट्रोल-डीजल पर भी ईवी सेस लगाने की तैयारी कर रहा है। अगर ऐसा हुआ तो चंडीगढ़ में पेट्रोल के दाम मोहाली और पंचकूला के बराबर हो जाएंगे। पड़ोसी राज्य पंजाब व हरियाणा में पेट्रोल-डीजल के दाम अब चंडीगढ़ से कुछ ही रुपये कम हैं।
महंगाई की मार झेल रही जनता पर बिजली और पानी के बिल में कई तरह के टैक्स लगाकर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। सिर्फ बिजली के बिल पर खपत चार्जेज के अलावा कुल छह तरह के टैक्स लगाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, पानी के बिल में गारबेज चार्ज से लोग परेशान हैं। सस्ती बिजली का हवाला देकर बिजली बिल पर नगर निगम (एमसी) टैक्स, काऊ सेस, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जैसे कई टैक्स व सेस वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा वर्ष 2020 में कोरोना आया तो पहली लहर के बाद यूटी प्रशासन ने कोविड सेस लागू किया, जो 31 दिसंबर 2021 तक लागू रहा। इस दौरान करीब 26 करोड़ रुपये की कमाई कोविड सेस से हुई थी।
पेट्रोल-डीजल पर ईवी सेस लगाने की तैयारी थी, लेकिन अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने लगे हैं। ऐसे में प्रशासन समीक्षा कर रहा है कि क्या किया जाए। अगर पेट्रोल-डीजल पर सेस नहीं लगाते हैं तो वो पैसा कहां से आएगा, इसको लेकर मंथन किया जा रहा है। हालांकि अगर सेस लगाने की जरूरत भी पड़ी तो चंडीगढ़ में दाम मोहाली-पंचकूला से नीचे ही रहेंगे। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक