चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में आयोजित हुए दो दिवसीय इंटरप्रेन्योरशिप फेस्टिवल ई- समिट का रविवार को समापन हो गया। इस अवसर पर युवाओं ने घरेलू अनुपयोगी वस्तुओं के प्रयोग से बनी साज-सज्जा की कई वस्तुएं प्रदर्शित कीं। यह कार्यक्रम ईआईसी ने सीआईआई और चंडीगढ़ प्रशासन केेे सहयोग से किया। अमर उजाला इस कार्यक्रम में बतौर मीडिया पार्टनर रहा। आयोजन के अंतिम दिन भी अलग-अलग जगहों से आए युवाओं ने अपने स्टार्टअप का प्रदर्शन करते हुए उनके बारे में समझाया। जिन महिलाओं को मोटापे के चलते कपड़ों के साइज को लेकर समस्या आती है, उनके लिए 8 एक्सएल साइज तक के कपडों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।
क्या कहते हैं युवा
शौक के चलते बनाया अनुपयोगी वस्तुओं से साज-सज्जा का सामान
पंचकूला गवर्नमेंट कॉलेज की छात्रा निक्की ने बताया कि उन्हें बचपन से साज सज्जा करने का शौक है। धीरे-धीरे उन्होंने घर पर अनुपयोगी वस्तुओं से साज-सज्जा का सामान बनाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज की प्रोफेसर के मार्गदर्शन पर अगस्त 2021 से अभी तक 8 से 10 प्रदर्शनी में हिस्सा ले चुकीं हैं। इससे उन्हें अभी तक लगभग 70 हजार रुपये की आमदनी हो चुकी है।
मां की सहेलियों ने बताई कपड़ों में साइज की समस्या, श्रेया ने कर दिया समाधान
पंचकूला की श्रेया पांडेय ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी मां की सहेलियां घर आई थीं। उन्होंने बताया कि मोटापे के कारण कपड़ों की खरीदारी के समय साइज को लेकर उन्हें समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके बाद श्रेया ने कपड़े डिजाइन करना शुरू कर दिया। वह लार्ज से लेकर 8 एक्सएल साइज तक के कपड़े डिजाइन कर बेचती हैं। इनके बनाए कपड़े, बाजार के ब्रांडेड कपड़ों से 800 रुपये तक कम कीमत पर मिल जाते हैं।
वेस्ट कार्बनिक कचरे से बनाई बहुउपयोगी ग्राफीन
पेक के गुरसिमर बताते हैं उन्होंने एक ऐसी मशीन बनाई है जो घरेलू कार्बनिक वेस्ट, वेस्ट प्लास्टिक और अन्य कार्बनिक पदार्थों का प्रयोग कर ग्राफीन (ग्रेफाइड़ की सिंगल लेयर संरचना) की शीट बनाते हैं। इस प्रकार की शीट का प्रयोग कर उच्च गुणवत्ता की बुलेटप्रूफ जैैकेट, कंप्यूटर चिप्स और हाई स्पीड कार के टायर जैसी चीजें बनाई जा सकती हैं। ग्राफीन स्टील से 200 गुना ज्यादा मजबूत और 6 गुना हल्का होता है।