वहीं, शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों के लिए अब भले मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी लेकिन समारोह में 200 से ज्यादा लोग अभी भी शामिल नहीं हो सकेंगे। ये नियम बरकरार रहेगा। बैठक में शहर के सभी हॉकी, फुटबॉल और क्रिकेट अकादमियों को खोलने का फैसला लिया गया।
यह आदेश भी जारी किया गया कि बुधवार और शुक्रवार को छोड़ हफ्ते में तीन दिन लोग अफसरों से सरकारी दफ्तरों में मिल सकेंगे। हालांकि इसके लिए वैक्सीन की डोज या कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य रखी गई है। सार्वजनिक परिवहन के लिए 50 फीसदी क्षमता के नियमों को भी अब खत्म कर दिया गया है।
सीरो सर्वे के नतीजे आए, 72.7 प्रतिशत बच्चों में मिली एंटीबॉडी
बैठक में पीजीआई के निदेशक प्रो. जगत राम ने कहा कि उनके यहां कोरोना वायरस के 21 मरीज भर्ती हैं। इनमें से सिर्फ एक मरीज चंडीगढ़ का है। बताया कि पहले कोरोना के मरीज 9 थे, जो बढ़कर 21 हुए हैं। इनमें से 19 मरीज पहले से ही किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, जबकि 2 मरीजों को कोई बीमारी नहीं है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में कोरोना जांच के लिए करीब 59,808 नमूने एकत्र किए गए थे, जिनमें संक्रमण की दर महज 0.2 प्रतिशत मिली। प्रो. जगतराम ने बताया कि 6 से 18 वर्ष के उम्र के बच्चों के बीच किए गए सीरो सर्वे के नतीजे आ चुके हैं। कुल 2695 नमूनों की जांच की गई और उनके नतीजे बताते हैं कि सेक्टरों के 67 प्रतिशत, गांव के 75 प्रतिशत और कॉलोनियों के 76 प्रतिशत बच्चों में एंटीबॉडी विकसित हुई है।
ओवरऑल 72.7 प्रतिशत बच्चों में एंटीबॉडी विकसित हुई हैं। प्रो. जगतराम ने बताया कि जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए लैब की स्थापना की जा चुकी है और अब तक 40 नमूनों की जांच भी की गई है। वहीं, जीएमसीएच-32 की निदेशक डॉ. जसविंदर कौर ने बताया कि 20 जुलाई से 17 अगस्त के बीच जीएमसीएच-32 में कोरोना के 28,973 नमूनों की जांच की गई।
इस दौरान संक्रमण दर 0.17 प्रतिशत मिली। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि 20 जुलाई से 17 अगस्त के बीच 40,044 नमूनों की जांच की गई और संक्रमण दर 0.2 प्रतिशत मिली। रिकवरी रेट 98.6 प्रतिशत है। अगस्त महीने में कोरोना से अब तक एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।