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पंजाब में चुनावी मुद्दा : केंद्र का दावा, 790 बस्तियों पर मंडरा रहा है कैंसर का खतरा

Sun, 13 Feb 2022 04:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़

सार

आर्सेनिक युक्त पानी की हो रही सप्लाई, शोध में 0.46 प्रतिशत मिली मात्रा। केंद्र ने जताई चिंता, कहा कि भूजल के प्रदूषण के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार।
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demo pic... - फोटो : istock
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विस्तार
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पंजाब में कैंसर को अब भारतीय जनता पार्टी चुनावी मुद्दा बना रही है। केंद्र सरकार ने दावा किया है कि पंजाब की 790 ग्रामीण बस्तियों में कैंसर का खतरा मंडरा रहा है। केंद्र ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि इन बस्तियों में आर्सेनिक युक्त पानी की आपूर्ति की जा रही है जिसमें कई बस्तियों के पानी में अधिकतम 0.46 प्रतिशत आर्सेनिक की मात्रा मिली है। केंद्र ने चिंता जताते हुए इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

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केंद्र के जल शक्ति विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब सरकार की ओर से शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर जो रिपोर्ट केंद्र में दी है उससे यह संकेत मिलते हैं कि राज्य की 17 जिलों में फैली 790 बस्तियां (ग्रामीण क्षेत्र) आर्सेनिक से प्रभावित हैं। इन बस्तियों में 29 में आर्सेनिक की मात्रा 0.11 के बीच मिली है। जबकि अकेले रोपड़ जिले की बस्तियों में 0.46 मिलीग्राम/लीटर पेयजल में आर्सेनिक की मात्रा पाई गई है। 

केंद्र के जल शक्ति विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि जल राज्य का विषय है। इस कारण से भूजल के प्रदूषण को रोकने सहित जल प्रबंधन पर पहल मुख्य रूप से राज्य की जिम्मेदारी है। शोध के कुछ परिणामों से पता चलता है कि पीने के पानी और भोजन से आर्सेनिक के लंबे समय तक संपर्क में रहने से कैंसर और त्वचा के घाव हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के बाद भाजपा के अधिकांश नेता चुनाव प्रचार में कैंसर को मुद्दा बना रहे हैं। केंद्रीय नेता आरोप लगा रहे हैं कि अभी तक कांग्रेस ने पंजाब के लोगों को सिर्फ कैंसर दिया है। अब बदलाव का समय है कि भाजपा की यदि सरकार बनती है तो पंजाब को जीवन दिया जाएगा।
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भूजल के गिरते स्तर पर कांग्रेस हमलावर
पंजाब में भूजल के गिरते स्तर पर केंद्र की सरकार पर कांग्रेस के नेता हमला कर रहे हैं। सांसद मनीष तिवारी ने हाल ही में लोकसभा में राज्य में गिरते जल स्तर का मुद्दा उठाया था। इसमें कहा गया कि पंजाब के 150 ब्लाकों में से 117 अतिशोषित के रूप में मिले हैं। इसके बाद भी केंद्र द्वारा राज्य के किसानों की कोई मदद नहीं की गई है।

18 जिलों में यह समस्या
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 23 जिलों में से 18 में हर साल भूजल में एक मीटर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के चार जिले फरीदकोट, फिरोजपुर, गुरदासपुर और मुक्तसर को छोड़कर राज्य में भूजल का अत्यधिक दोहन पाया गया है।

इन कारणों से गिरा जलस्तर

  • विभिन्न उपयोग के लिए मीठे पानी की बढ़ती मांग
  • वर्षा की लगातार होती अनिश्चितता
  • राज्य में लगातार बढ़ती आबादी
  • औद्योगीकरण और शहरीकरण की जल निकासी

रैली में प्रधानमंत्री उठा चुके हैं मुद्दा
पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान हुई वर्चुअल रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब में कैंसर का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने रैली के दौरान अपने संबोधन में कहा था कि पंजाब को कांग्रेस ने सिर्फ कैंसर दिया है। भाजपा अब विकास देगी। विकास की चाह रखने वाले पंजाब को अब यह तय करना होगा कि चुनाव में किसे तरजीह देनी है।

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