कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह में किसानों की घर वापसी का स्वागत करते हुए किसान आंदोलन की सफलतापूर्वक समाप्ति पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि किसान 380 दिनों की तपस्या, त्याग और जीत के साथ घर लौट रहे हैं।
कैप्टन ने पंजाब में अपने घरों को लौट रहे हजारों किसानों का स्वागत करने के साथ उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनके अनुशासन, संयम और हिम्मत के कारण ही आंदोलन अपने निर्णायक अंत तक पहुंचा और भारत सरकार को आखिरकार इन कानूनों को वापस लेना पड़ा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पंजाब सरकार चुनाव से पहले कांग्रेस के घोषणा पत्र में किसानों से किए गए वादे पूरे करेगी।
उन्होंने कहा कि वह पहले ही उनमें से कई वादों को पूरा कर चुके हैं और चुनाव आचार संहिता लगने से पहले बाकी रह गई वचनबद्धताओं को पूरा करना अब सरकार के हाथ में है। कैप्टन ने किसी भी कीमत पर पंजाबियों खासकर किसानों के हितों की रक्षा करने की वचनबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि वह किसान भाइयों और बहनों को फिर से भरोसा देना चाहते हैं कि वह पंजाब और किसानों के हितों की रक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। जैसा कि वह 2004 में दूसरे राज्यों के साथ पानी के बंटवारे संबंधी समझौतों को रद्द करने के लिए पंजाब टर्मिनेशन ऑफ (वाटर शेयरिंग) एग्रीमेंट 2004 लाए थे।
किसानों को आंदोलन दिल्ली ले जाने के लिए कहा था: कैप्टन
कैप्टन ने इस मामले का हल होने पर संतोष जताते हुए याद किया कि किस प्रकार उन्होंने एक साल पहले व्यक्तिगत तौर पर कृषि आंदोलन में हिस्सा लिया और किसानों को अपना प्रदर्शन दिल्ली ले जाने के लिए समर्थन दिया व उन्हें उत्साहित किया था।
उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि हमारा उद्देश्य पूरा हो गया है और इन कानूनों के रद्द होने से हमारे किसान समुदाय को संतुष्टि मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसानों के साथ लंबित वादों को पूरा कर रहे थे लेकिन दुर्भाग्यवश पहले कोरोना महामारी और बाद में उनके हटने से कुछ मांगें अभी पूरी होनी बाकी हैं, जिन्हें अब नई सरकार को पूरा करना चाहिए।