सैनिक को आखिरी सलामी देते जवान।
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औरंगाबाद में भारतीय तोपखाना में सूबेदार के पद पर तैनात गांव सांभली के ऋषिपाल (47) की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। यह दुखद घटना उस दिन हुई, जिस दिन उनका जन्मदिन था। इसकी सूचना मिलने पर परिजनों और गांव में मातम छा गया। महाराष्ट्र से जवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार की रात करीब साढ़े नौ बजे हवाई जहाज से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली लाया गया।
जहां से सुबह पांच बजे जवान के शव को एंबुलेंस से पैतृक गांव सांभली लाया गया। शनिवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे सेना की विशेष टुकड़ी ने राजकीय सम्मान के साथ जवान को अंतिम विदाई दी। पार्थिव शरीर को मुखाग्नि उनके 16 वर्षीय बेटे हरमन दीप ने दी।
जानकारी के अनुसार, सांभली के ऋषिपाल ने गांव के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से दसवीं और करनाल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से 12वीं की पढ़ाई की। वह 27 मार्च 1995 को अंबाला में भारतीय तोपखाना के लिए भर्ती हुए। ट्रेनिंग नासिक महाराष्ट्र में हुई। वर्तमान में वह औरंगाबाद में भारतीय तोपखाना में सूबेदार के पद पर सेवारत थे।
परिवार में वह दो भाई, पत्नी, दो बेटी व एक बेटे को बिलखते छोड़ गए। दुखद पहलू यह है कि 10 दिसंबर 1974 को जन्मे ऋषिपाल की उसी दिन (10 दिसंबर 2021) मौत हुई। बच्चों ने अपने फौजी पिता के जन्मदिन को लेकर काफी तैयारियां कर रखी थीं। एक दिन पहले पिता ने भी बच्चों से ऑनलाइन केक काटने को कहा था और नए साल पर घर आने का भी वादा किया था लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
जन्मदिन की मुबारकबाद देने सुबह उठे बच्चे, मिली मौत की खबर
10 दिसंबर की सुबह करीब चार बजे हृदयगति रुकने से ऋषिपाल का निधन हो गया। दूसरी ओर सुबह उत्साहित मन से बच्चे अपने पिता को जन्मदिन की मुबारकबाद देने के लिए उठे तो पिता की मौत की सूचना से घर में मातम छा गया। ऋषिपाल के भाई सतपाल ने बताया कि नौ दिसंबर की रात बच्चों से बात हुई तो ऋषिपाल ने ऑनलाइन केक काटने की बात कही थी, जिसको लेकर बच्चों ने केक भी ऑर्डर कर रखा था।