चंडीगढ़ में दोपहर तक प्रदर्शन के बाद वे पटियाला रवाना हो गए। इसके बाद पटियाला मुख्यालय में चालक के शव को रखकर प्रदर्शन किया गया। पीआरटीसी कच्चे मुलाजिम एसोसिएशन के प्रधान रेशम सिंह सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वह पीछे हटने वाली नहीं हैं। सरकार ने अपना फर्ज नहीं निभाया तो मुलाजिम संघर्ष तेज करेंगे।
गौरतलब है कि पीआरटीसी की बस रविवार दोपहर चंडीगढ़ से मनाली के लिए गई थी। उस रात 10 बजे के बाद से बस का कोई सुराग नहीं था। बुधवार को नदी में डूबी हुई बस का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद ड्राइवर का शव बरामद हुआ था।
पीआरटीसी चंडीगढ़ मुलाजिम एसोसिएशन के प्रधान गुरप्रीत सिंह सिंह ने कहा कि ड्राइवर और कंडक्टर की मौत पर सरकार के रवैये से मुलाजिमों में काफी निराशा है। अभी तक न तो परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का बयान आया है और न ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना के बारे में कुछ कहा है। सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन है।
उन्होंने कहा कि वह सरकार से एक ही मांग कर रहे हैं कि पीड़ितों को मुआवजा और परिजनों को नौकरी दी जाए। दूसरा उनकी मांग की है कि उनके चार लोग मणिकर्ण, 8 से 10 मुलाजिम मनाली व दो से तीन मुलाजिम पंडोह में फंसे हैं। उन्हें वहां से हवाई जहाज के माध्य से निकालकर लाया जाए। पता नहीं वह वहां पर किस हाल में होंगे।
खरड़ के दो युवक हिमाचल में लापता
मोहाली के खरड़ से हिमाचल घूमने गए दो युवकों का सोमवार से अपने परिवार से संपर्क टूटा हुआ है। जरनैल सिंह और अकरम सिंह खरड़ के रहने वाले हैं। वे दिल्ली नंबर की कार से हिमाचल प्रदेश गए थे। पता चला है कि बुरशेनी डैम पर वह पुलगा गांव के होटल में ठहरे हुए थे। उसके बाद से उनका कोई पता नहीं है। परिवार ने सोशल मीडिया पर भी लोगों से उनके बारे में मदद मांगी है।
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने भी इस मामले में लोगों से अपील की है कि वह जानकारी देने के लिए सहयोग करें। उन्होंने हिमाचल पुलिस से भी संपर्क किया है। याद रहे कि इससे पहले कुछ लोग अमरनाथ यात्रा पर गए थे। वहां पर में 3 दिनों तक फंसे रहे थे। इसके बाद उन्होंने मदद के लिए शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई थी। मंत्री के प्रयास से उन युवाओं और अन्य राज्यों के युवाओं को वहां से लोकल प्रशासन की मदद से रेस्क्यू किया गया था।