20 साल में बठिंडा में सबसे बडी रिफाइनरी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी समेत तीन विश्वविद्यालय और एम्स जैसे बडे़ अस्पताल खुले हैं। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। गांव फुल्लोखारी में गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी खुली तो बठिंडा का नाम पूरे देश दुनिया के नक्शे पर उभरा। इस रिफाइनरी को शिअद सरकार के समय केंद्र की कांग्रेस सरकार ने 2012 में चालू किया था।
रिफाइनरी को एचएमईएल कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। 10 साल में रिफाइनरी का काम बड़ी तेजी से बढ़ा, जिसके चलते अब कुछ माह पूर्व रिफाइनरी के काम में और बढ़ोतरी की गई। इसमें पचास से अधिक अन्य निजी कंपनियां भी काम कर रही हैं। रिफाइनरी खुलने के बाद गांव फुल्लोखारी में प्रवासी लोगों की आमद एकदम बढ़ गई है। इसके चलते अब हर रविवार को रिफाइनरी के बाहर लगने वाले छोटे बाजार में लोगों की खूब भीड़ जुटती है। इसमें रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूर और कंपनी के अधिकारी खरीदारी करते हैं।
इसके अलावा जिले में गांव घुद्दा में सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्थापित है। इसमें सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र के साथ सटे डबववाली रोड पर महाराजा रणजीत सिंह यूनिवर्सिटी और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी चलाई जा रही है। हाल ही में जिले में केंद्र सरकार ने एम्स अस्पताल खोला है। एम्स को बठिंडा में खोलने के लिए शिअद एवं कांग्रेस की पूर्व राज्य सरकार ने अहम भूमिका निभाई है। एम्स में लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या के कारण अब एम्स के सामने दवाओं की दुकानें खुल गई हैं। इसके अलावा बडे़ स्तर पर लोगों के लिए कॉलोनियां बनाई जा रही हैं।
कैंसर एवं नशा मुख्य समस्याएं
जिले के तलवंडी साबो सब तहसील के अंतर्गत विभिन्न गांवों में बड़ी संख्या में लोग कैंसर से पीड़ित हैं। लोग कैंसर फैलने का मुख्य कारण पीने के पानी में यूरेनियम भारी मात्रा में होना मान रहे हैं। जब से गांव फुल्लोखारी में गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी स्थापित हुई तो लोगों ने इससे होने वाले प्रदूषण को ही कैंसर का मुख्य कारण मान लिया है।
एम्स खुला तो बठिंडा से बीकानेर चलने वाली कैंसर ट्रेन हुई बंद
जब से शहर में एम्स अस्पताल खुला है। तब से बठिंडा से बीकानेर जाने वाली कैंसर ट्रेन को पूरी तरह से ब्रेक लग चुके हैं। हालांकि उक्त ट्रेन में वो लोग अभी भी बीकानेर जा रहे हैं, जिनका पहले से बीकानेर से ही उपचार चल रहा था।
काउंसिल से निगम का दर्जा मिला
पंजाब बनने के बाद शहर एक काउंसिल से जाना जाता था। धीरे-धीरे समय ने करवट ली और अब शहर को निगम का दर्जा मिल गया। शहर में मौजूदा समय में 50 वार्ड हैं। शहर की पहली महिला मेयर रमन गोयल हैं, जबकि इस से पहले शिअद नेता बलजीत सिंह बीड बहमण और बलवंत राय नाथ मेयर रह चुके हैं।