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लोगों को भायी बुड़ैल जेल की मिठाई: कैदियों की मेहनत रंग लाई, चार गुना बढ़ी मांग, दिवाली पर आठ लाख की बिक्री

Tue, 01 Nov 2022 04:21 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

जेल में कैदियों द्वारा बनाई गई रंग बिरंगी और खूशबूदार मोमबत्तियां खूब बिकीं। कैदियों ने कांच के गिलास को भी मोमबत्ती बनाया जिसे लोगों ने खूब खरीदा। इसके अलावा कैदियों ने गिफ्ट भी तैयार किए थे, जिसे सैकड़ों लोगों ने खरीदा।
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जेल में मिठाई और गिफ्ट तैयार करते कैदी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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चंडीगढ़ की मॉडर्न जेल बुड़ैल में कैदियों की ओर से बनाई जाने वाली मिठाई की डिमांड चार गुना बढ़ गई है। इस बार दिवाली के अवसर पर रोजाना एक लाख रुपये की मिठाई की बिक्री हुई जबकि इससे पहले दिवाली पर 30 हजार रुपये के हिसाब से प्रतिदिन मिठाई की बिक्री होती थी। इस दिवाली पर करीब आठ लाख रुपये की मिठाई बेची गई। 

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जेल अधिकारी ने बताया कि जेल में कैदियों की ओर से तैयार की जाने वाली मिठाई दोपहर 12 बजे तक बिक जाती थी। सेक्टर-22 में शोरूम में मिठाई के लिए लंबी लाइन लगती थी। जेल अधिकारी ने बताया कि वह वेरका से दूध लेते हैं। वेरका दूध से जेल के अंदर कैदी खोया तैयार करते हैं। जेल प्रशासन के नेतृत्व में पूरी साफ सफाई के साथ जेल की किचन में मिठाई बनाई जाती है। इस दिवाली पर गवर्नर हाउस से ही 16 क्विंटल मिठाई का ऑर्डर आया था। नगर निगम से मिठाई के 4000 डिब्बे का ऑर्डर आया था।  इसी तरह अन्य विभाग से भी मिठाई के ऑर्डर आए थे। 

दिवाली पर रंग बिरंगी और खुशबूदार मोमबत्तियां खूब बिकीं  
जेल में कैदियों द्वारा बनाई गई रंग बिरंगी और खूशबूदार मोमबत्तियां खूब बिकीं। कैदियों ने कांच के गिलास को भी मोमबत्ती बनाया जिसे लोगों ने खूब खरीदा। इसके अलावा कैदियों ने गिफ्ट भी तैयार किए थे, जिसे सैकड़ों लोगों ने खरीदा। वहीं होली पर कैदी गुझिया और रंग भी बनाते हैं जो काफी बिकते हैं। जेल में हर्बल रंग बनाए जाते हैं जो नुकसान नहीं करते। 
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हर व्यक्ति खरीद सकता है जेल की मिठाई 
कैदियों की और से तैयार की जाने वाली मिठाई सेक्टर-22 स्थित नव-सृजन के नाम से बने शोरूम में बेची जाती है। सबसे ज्यादा खोया बर्फी, मिल्क केक, देसी घी की बनी बेसन बर्फी और जलेबी की मांग है। कैदियों की ओर से समोसा भी बनाया जाता है। समोसे का साइज काफी बड़ा है और इसका रेट 12 रुपये है। 

यह है जेल की मिठाई का रेट 
देसी घी के लड्डू                       250 रुपये किलो 
देसी घी की बेसन बर्फी              270 रुपये किलो 
गुलाब जामुन                           220 रुपये किलो 
देसी घी की जलेबी                    220 रुपये किलो 
खोया बर्फी                                360 रुपये किलो
गुझिया                                     300 रुपये किलो 
मिल्क केक                                360 रुपये किलो 
रसगुल्ला                                    200 रुपये किलो 
पेडा                                         360 रुपये किलो 
मिक्स नमकी                              190 रुपये किलो

30 रुपये में खा सकते हैं जेल की रोटी
अब तक जेल की रोटी खाने के लिए लोगों को जेल के अंदर जाना पड़ता था या सिफारिश लगवानी पड़ती थी। जेल में बंद कैदियों से मिलने आने वाले लोग भी जेल के अंदर बनी रोटी खाने की इच्छा जाहिर करते थे। कुछ सिफारिश लगवाकर आते थे तो कुछ जेल आकर अपनी या बच्चों की कुंडली में कारागार दोष का हवाला देकर रोटी खिलाने का आग्रह करते थे। मांग को देखते हुए लोगों को 30 रुपये में रोटी देने की व्यवस्था शुरू की गई थी। कोई भी व्यक्ति रोटी खाने के लिए सुबह 11 से 12 बजे के बीच बुड़ैल जेल के मुलाकात रूम में जाकर ऑर्डर कर सकता है। 30 रुपये में चार रोटी, दाल और चावल मिलेगा। 

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