केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न अवसरों पर मिले तोहफों, स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी का एलान किया गया है। इसके तहत प्रधानमंत्री को एसजीपीसी द्वारा भेंट किए श्री हरमंदिर साहिब के मॉडल की भी ई-नीलामी की जा रही है, जिसे लेकर बुधवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कड़ा ऐतराज जताया है।
अपने एक्स हैंडल पर सुखबीर बादल ने लिखा कि 'मुझे यह जानकर गहरा दुख हुआ है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से माननीय प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी को भेंट किए सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के पावन मॉडल को सरकार नीलामी के तहत बेचने जा रही है। यह मॉडल अकाल पुरुष और गुरु साहिबान की बख्शीश और आशीर्वाद के पवित्र चिह्न के रूप में भेंट किया गया था और इसे नीलाम करना इसका घोर निरादर होगा। इससे सिख कौम की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी।'
सुखबीर बादल ने आगे लिखा कि 'मेरी प्रधानमंत्री को नम्रतापूर्वक विनती है कि इस नीलामी को तुरंत रोका जाए। अगर सरकार खुद को इस पावन और अनमोल बख्शीश को संभालने में असमर्थ महसूस करती है तो मेरी विनती है कि इस पवित्र चिह्न को एसजीपीसी को वापस सौंपने की कृपा की जाए।'
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को मिले विभिन्न तोहफों और स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी शुरु की गई है, जिसके तहत श्री हरमंदिर साहिब के मॉडल के लिए 31 अक्तूबर शाम पांच बजे तक बोलियां आमंत्रित की गई है। इसके लिए बेस मूल्य 13,500 रुपये निर्धारित किया गया है और दो अक्तूबर को सुबह 10 बजे शुरु हुई इस मॉडल के लिए बोली 1,51,200 रुपये पर पहुंच चुकी है।